राष्ट्रपति के सचिव संजय कोठारी ने कहा- आईएएस की परीक्षा में विषयों का सही चयन बेहद जरुरी

डीएन ब्यूरो

दिल्ली में आयोजित 'डाइनामाइट न्यूज़ यूपीएससी कॉन्क्लेव 2019' कई मायनों में बेहद खास रहा। इसमें भाग लेने एक दर्जन से अधिक राज्यों के ग्रामीण इलाकों से नौजवान राजधानी पहुंचे। पहली बार एक मंच पर तीन अलग-अलग सालों की आईएएस टॉपर्स मौजूद रहीं। इनके अलावा भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के सचिव और वरिष्ठ आईएएस संजय कोठारी मुख्य वक्ता के रुप में युवाओं को सिविल सेवा की परीक्षा में सफल होने के टिप्स देते दिखे। पूरी खबर:

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के सचिव व वरिष्ठ आईएएस संजय कोठारी
भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के सचिव व वरिष्ठ आईएएस संजय कोठारी

नई दिल्ली: आईएएस की परीक्षा में विषयों का सही चयन बेहद आवश्यक है, यही यूपीएससी के परीक्षा का मुख्य आधार है। यह कहना है भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सचिव व वरिष्ठ आईएएस संजय कोठारी का। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थी को अर्जुन की तरह अपने लक्ष्य पर लगातार नजर गढ़ाये रखनी चाहिये। वे रविवार को राजधानी के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में 'डाइनामाइट न्यूज़ यूपीएससी कॉन्क्लेव 2019' में आये आईएएस प्रतियोगियों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कॉन्क्लेव का विषय था: ‘सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने का मूलमंत्र?’  

पहली बार एक मंच पर तीन अलग-अलग सालों की आईएएस टॉपर्स (दायें से) अनु कुमारी, इरा सिंघल और केआर नंदिनी

इस आयोजन की सबसे खास बात रही कि अलग-अलग वर्षों की तीन आईएएस टॉपर्स एक मंच पर मौजूद रहीं। ये सभी महिलाएं थीं, जो देश में महिला सशक्तीकरण की गवाही दे रही थीं। 

कॉन्क्लेव में उत्तर से दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिमी राज्यों के नौजवान बड़ी संख्या में जुटे। इनमें प्रमुख रुप से आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडू, महाराष्ट्र, उड़ीसा, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, जम्मू और कश्मीर, हरियाणा, पंजाब के ग्रामीण अंचलों के नौजवान पहुंचे। राजधानी में अपनी तरह के अनोखे आयोजन में वक्ताओं के संबोधन के बाद प्रश्न-उत्तर का सिलसिला शुरु हुआ, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर सवाल पूछे। खास बात यह रही कि यह सत्र दो घंटे का था लेकिन यह तीन घंटे से भी अधिक समय तक चला।   

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कॉन्क्लेव में 2015 बैच की आईएसएस टॉपर (रैंक 1) इरा सिंघल, 2017 बैच की आईएएस टॉपर (रैंक 1) केआर नंदिनी और 2018 बैच की आईएएस टॉपर (रैंक 2) अनु कुमारी मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद रहीं। साथ ही स्टील अथारिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन एसके रुंगटा, दिल्ली चिड़ियाघर की निदेशक रेनू सिंह और डाइनामाइट न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफएक मुलाक़ात प्रोग्राम के एंकर मनोज टिबड़ेवाल आकाश ने भी अपने विचार यूपीएससी की तैयारी करने वाले नौजवानों के साथ साझा किये।   

आईएएस टॉपर से सवाल पूछती एक प्रतियोगी, साथ में बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्रायें

'डाइनामाइट न्यूज़ यूपीएससी कॉन्क्लेव' का आयोजन लगातार दूसरे साल नई दिल्ली में डाइनामाइट न्यूज़ द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डाइनामाइट न्यूज़ की चेयरपर्सन रानी टिबड़ेवाल ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। 

अपने संबोधन में इरा सिंघल ने कहा कि ग्रेजुएशन के बाद सिविल सेवा की तैयारी परीक्षार्थियों के लिए अधिक लाभदायक होगी। सबसे अहम बात ये है कि आप जिस भाषा में तैयारी कर रहे हैं, उसमें आपकी पूरी पकड़ होनी चाहिये।  

केआर नंदिनी ने मौजूद युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ज्यादातर लोगों में आत्मविश्वास की कमी होती है लेकिन कड़ी मेहनत से इस पर काबू पाया जा सकता है। आत्मविश्वास सफलता की एक अहम कड़ी है। 

 

तैयारी से जुड़े सवाल पूछने को लेकर युवाओं में दिखा जुनून

उधर अनु कुमारी का कहना था कि तैयारी में कोचिंग की भूमिका को मैं बहुत ज्यादा अहमियत नहीं देती। इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि छात्रों को कठिन परिश्रम, लगन और समर्पण के साथ परीक्षा देनी चाहिये, यह उनके सफलता में मील का पत्थर साबित होगा। 

एसके रुंगटा ने कहा कि छात्रों को तैयारी के लिए लेखन और खबरों को पढ़ने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इससे सफलता की गारंटी अधिक होगी वहीं रेनू सिंह ने बोला कि कड़ी मेहनत के बिना सफलता प्राप्त नही हो सकती इसलिए हर युवा को चाहिये कि वह कठिन परिश्रम करे।

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