New Delhi: महंगी नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार

पुलिस ने 13,000 करोड़ से अधिक की ड्रग्स पकड़े जाने के मामले में अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के दो और सदस्याें को गिरफ्तार किया है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 25 December 2024, 3:43 PM IST
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नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी 13,000 करोड़ से अधिक की ड्रग्स की खेप पकड़े जाने के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के दो और सदस्याें रवींद्र सिंह बसोया व जैक्शन फर्नांडिस को गिरफ्तार किया है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार रवींद्र सिंह बसोया दुबई में छिपे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के सरगना वीरेंद्र सिंह बसोया का छोटा भाई है। वह सरोजनी नगर का रहने वाला है। अपने भाई के सिंडिकेट में शामिल होकर वह भी ड्रग्स तस्करी का धंधा कर रहा था। दूसरे का नाम जैक्शन फर्नांडिस है। वह मूलरूप से दक्षिण गोवा का रहने है लेकिन ड्रग्स के धंधे के लिए नबी मुंबई में रह रहा था।

सिंडिकेट के अब तक 14 सदस्यों को स्पेशल सेल ने किया गिरफ्तार

डीसीपी अमित कौशिक के मुताबिक जैक्शन फर्नांडिस, वीरेंद्र सिंह बसोया सिंडिकेट के फाइनेंस का काम देखता था। इसी ने ड्रग्स के काले धंधे के लिए फर्जी तरीके से कई सेल कंपनियां बनाई थी। यह बसोया के धंधे का सारा हिसाब रखता था। दोनों की निशानदेहीअब तक इस सिंडिकेट के 14 सदस्यों को स्पेशल सेल गिरफ्तार कर चुकी है।

इनसे पूछताछ के बाद चेन में शामिल कई अन्य के पकड़़े जाने की संभावना है। एक अक्टूबर को स्पेशल सेल ने महरौली स्थित एक गोदाम पर छापा मार वहां से गोदाम मालिक तुषार गोयल समेत चार ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया था।

कार से 10 करोड़ मूल्य की एक किलो कोकेन बरामद

गोदाम से 562 किलो कोकेन व 40 किलो थाईलैंड का गांजा बरामद किया था। इनसे पूछताछ के बाद तीन अक्टूबर को सेल ने अमृतसर एयरपोर्ट से इस सिंडिकेट के एक और सदस्य जतिंदर सिंह गिल उर्फ जस्सी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर पंजाब के अमृतसर से एक फार्च्यूनर कार जब्त की थी।

कार से 10 करोड़ मूल्य की एक किलो कोकेन बरामद हुई थी। पर और ड्रग्स बरामद नहीं हो पाई है।जांच में पता चला था कि विदेश से भारी मात्रा कोकेन की खेप भारत भेजने पर वीरेंद्र बसोया ने इंग्लैंड में रहने वाले अपने सिंडिकेट के सदस्य जतिंदर सिंह गिल को भारत भेजा था ताकि वह उक्त ड्रग्स की आपूर्ति दिल्ली, पंजाब, मुंबई व गोवा आदि राज्यों में बेहतर तरीके से कर सके।

एक अक्टूबर को महरौली से सिंडिकेट के चार सदस्यों के पकड़े जाने पर पुलिस से बचने के लिए जस्सी तीन अक्टूबर को रवींद्र बसोया की फार्च्यूनर कार लेकर पिलंजी गांव, सरोजनी नगर से पंजाब भाग गया था।

अमृतसर में अपने चाचा के घर पर कार छोड़कर जस्सी जब इंग्लैंड भागने के लिए अमृतसर एयरपोर्ट पर आया था तब उसे दबोच लिया गया था। उसकी निशानदेही पर अमृतसर से कार बरामद कर ली गई थी। कार में 10 करोड़ की कोकेन व एक मोबाइल फोन मिला था। उसी के बाद से रवींद्र सिंह बसोया फरार था।

Published : 
  • 25 December 2024, 3:43 PM IST

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