Birthday special: शादीशुदा अभिनेत्री के प्यार में पड़े अनुपम खेर ने पहली पत्नी को तलाक देकर रचाई दूसरी शादी

डीएन ब्यूरो

बॉलीवुड में अनुपम खेर का नाम उन गिने चुने अभिनेताओं में शुमार किया जाता है जिन्होंने लगभग चार दशक से अपने दमदार अभिनय से सिने दर्शकों के दिल में एक ख़ास मुकाम बना रखा है।

अनुपम खेर (फाइल फोटो)
अनुपम खेर (फाइल फोटो)

मुंबई: बॉलीवुड में अनुपम खेर का नाम उन गिने चुने अभिनेताओं में शुमार किया जाता है जिन्होंने लगभग चार दशक से अपने दमदार अभिनय से सिने दर्शकों के दिल में एक ख़ास मुकाम बना रखा है। अनुपम खेर का जन्म 07 मार्च 1955 को शिमला में हुआ था। बचपन से ही उनकी ख्वाहिश अभिनेता बनने की थी। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अनुपम खेर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला ले लिया। वर्ष 1978 में नेशनल स्कूल से अभिनय की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह रंगमंच से जुड़ गये। 80 के दशक में अभिनेता बनने का सपना लिये हुए उन्होंने मुंबई में कदम रखा। बतौर अभिनेता उन्हें वर्ष 1982 में प्रदर्शित फिल्म आगमन में काम करने का मौका मिला लेकिन फिल्म के असफल हो जाने के बाद वह फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब नहीं हो सके।

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वर्ष 1984 में अनुपम खेर को महेश भट्ट की फिल्म सारांश में काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म में उन्होंने एक वृद्ध पिता की भूमिका निभायी जिसके पुत्र की असमय मृत्यु जो जाती है। अपने इस किरदार को अनुपम खेर ने संजीदगी के साथ निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। साथ ही सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किये गये। वर्ष 1986 में अनुपम खेर को सुभाष घई की फिल्म ..कर्मा ..में बतौर खलनायक काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म में उनके सामने अभिनय सम्राट दिलीप कुमार थे लेकिन अनुपम खेर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहे। फिल्म की सफलता के बाद बतौर खलनायक वह अपनी पहचान बनाने में सफल रहे।

अपने अभिनय मे आई एकरूपता को बदलने और स्वयं को चरित्र अभिनेता के रूप में भी स्थापित करने के लिये अनुपम खेर ने अपनी भूमिकाओं में परिवर्तन किया। इस क्रम में वर्ष 1989 मे प्रदर्शित सुभाष घई की सुपरहिट फिल्म.राम लखन ..में उन्होंने फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के पिता की भूमिका निभायी। फिल्म में उनके दमदार अभिनय के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

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अनुपम अपनी जिंदगी के ऐसे मुकाम पर थे जहां उनके पास नाम और शोहरत थी। इसी बीच उन्होंने मधुमालती से शादी कर ली। ये उनकी पहली पत्नी थी। कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तों में दरार आ गई और दोनों अलग हो गए। कहते है ना जोड़िया भगवान के घर से बनकर आती है। वहीं अनुपम की जिंदगी में एंट्री लेती है किरण खेर। किरण भी अपनी निजी जिंदगी से काफी परेशान थी। उनके पहले पति का नाम  गौतम था। लेकिन शादी के तुरंत बाद ही दोनों के बीच कुछ सही नहीं रहा और दोनों ही अलग हो गए। किरण के बेटे सिंकदर खेर उनके पहले पति के ही बेटे हैं। अनुपम संग शादी करने के बाद खबर आई थी कि किरण मां बनने वाली हैं। लेकिन उनका मिसकैरेज हो गया था

वर्ष 1989 में अनुपम खेर के सिने करियर की एक और अहम फिल्म डैडी प्रदर्शित हुई। फिल्म में अपने भावुक किरदार को अनुपम खेर ने सधे हुये अंदाज में निभाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने दमदार अभिनय के लिये वह फिल्म फेयर समीक्षक पुरस्कार और राष्ट्रीय पुरस्कार के स्पेशल ज्यूरी पुरस्कार से सम्मानित किये गये। वर्ष 2003 में प्रदर्शित फिल्म ओम जय जगदीश के जरिये अनुपम खेर ने फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रख दिया हालांकि फिल्म टिकट खिड़की पर बुरी तरह से विफल साबित हुई। वर्ष 2005 में अनुपम खेर ने फिल्म मैने गांधी को नहीं मारा का निर्माण किया। इस फिल्म में उनके दमदार अभिनय के लिये उन्हें कराची इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कार से सम्मानित किया गया।अनुपम खेर ने कई हॉलीवुड फिल्मों में भी अपने अभिनय का जौहर दिखाया है।

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2000 के दशक में अनुपम खेर ने दर्शकों की पसंद को देखते हुए छोटे पर्दे का भी रुख किया और से ना समथिंग टु अनुपम अंकल और सवाल दस करोड़ का बतौर होस्ट काम कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। वर्ष 2007 में अपने मित्र सतीश कौशिक के साथ मिलकर अनुपम खेर ने करोग बाग प्रोडक्शन कंपनी की स्थापना की जिसके बैनर तले तेरे संग का निर्माण किया।अनुपम खेर अपने सिने कैरियर में आठ बार फिल्म फेयर पुरस्कार से नवाजे जा चुके है। फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद अनुपम खेर नेशनल सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष भी बने। इसके अलावा उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में बतौर निदेशक 2001 से 2004 तक काम किया। फिल्म क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुये अनुपम खेर को पदमश्री और पद्म भूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया है। अनुपम खेर ने अपने चार दशक लंबे सिने करियर में लगभग 500 फिल्मों में काम किया। अनुपम खेर आज भी जोशोखरोश के साथ फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय है। (वार्ता)
 

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