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महराजगंज: सोहगी बरवा वन्य जीव प्रभाग में लगातार घड़ियालों की प्रजनन के लिए वन विभाग प्रयास करता रहा हैं।
पहली बार 2019 मे तत्कालीन डीएफओ के प्रयास से 40 घड़ियाल छोड़े गए थे। इसी क्रम में अब उसका प्रतिफल मिला है। अब तक नारायणी नदी में 250 से ज्यादे घड़ियाल हो गए हैं।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार नारायणी नदी में उक्त घड़ियालों में एक मादा घड़ियाल ने 34 अंडे दिए थे जिससे 33 बच्चे निकले तो वही एक अंडा खराब हो गया।
अभी तक महराजगंज जनपद में घड़ियाल प्रजनन केंद्र लखनऊ कुकरैल से नारायणी नदी में घड़ियालों को लेकर छोड़ा जाता था। प्रजनन केंद्र लखनऊ कुकरैल से घड़ियालों के बच्चो को 3 बार नारायणी नदी में छोड़ा गया था।
75 साल बाद पहली बार महराजगंज के सोहगीबारवा वन्य जीव अभयारण्य में एक मादा घड़ियाल है जिसमें 34 अंडे दिए जिसको वन विभाग ने अपने देख रेख में रखा था। उन अंडों से बच्चे बाहर निकलना शुरू हो गए जिन्हें वन विभाग की टीम द्वारा नारायणी नदी में छोड़ गया मौके पर चीफ कंजरवेटर व वन विभाग की टीम पहुंचने वाली थी।
लेट होने के नाते नहीं पहुंच पाई तो अन्य वन्य कर्मियों द्वारा और डब्ल्यूटीआई के कर्मचारियों की मौजूदगी में सभी 33 घड़ियाल के बच्चों को नारायणी नदी में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इससे महराजगंज के नारायणी नदी के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र की पहचान मिलेगी।
Published : 17 June 2024, 11:07 AM IST
Topics : birth children Crocodile female Maharajganj घड़ियाल डीएफओ नारायणी नदी वन विभाग सोहगी बरवा वन्य जीव प्रभाग