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मोहम्मद शमी को न्यूज़ीलैंड सीरीज़ के लिए भारतीय वनडे टीम से बाहर रखा गया, हालांकि उन्होंने 2025-26 घरेलू सीज़न में शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 मैचों में 47 विकेट लिए हैं। लगातार नजरअंदाज़ किए जाने से उनके इंटरनेशनल करियर के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।
मोहम्मद शमी (Img: Internet)
New Delhi: शनिवार को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज़ के लिए घोषित भारतीय वनडे टीम में तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी का नाम शामिल नहीं किया गया। यह लगातार दूसरी बार है जब शमी को हाल की सीरीज़ में नजरअंदाज़ किया गया है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि उनका इंटरनेशनल करियर अब अपने अंतिम चरण में हो सकता है। चोट से वापसी के बाद शमी ने बंगाल के लिए सभी फॉर्मेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, लेकिन टीम चयनकर्ताओं के साथ तालमेल की कमी के कारण उन्हें टीम से बाहर रखा जा रहा है।
शमी लंबे समय तक भारतीय टीम से बाहर रहे, लेकिन चोट से ठीक होने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में धमाकेदार वापसी की। मौजूदा 2025-26 सीज़न में उन्होंने सभी फॉर्मेट मिलाकर अब तक 16 मैचों में 47 विकेट लिए हैं। रणजी ट्रॉफी में शमी ने चार मैचों में 18.60 की औसत से 20 विकेट चटकाए। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी T20 टूर्नामेंट में उन्होंने सात मैचों में 16 विकेट लिए, औसत 14.93 रही। विजय हज़ारे ट्रॉफी में भी शमी बंगाल के पेस अटैक का नेतृत्व कर रहे हैं और पांच मैचों में 11 विकेट ले चुके हैं।
Something very unfair is happening to Mohammed Shami. Even after performing so well in domestic cricket,
has Mohammed Shami's international career come to an end?
Feel for Mohmmad Shami 🥲 pic.twitter.com/k1hcjaf19U— Musharaf45 (@Mushara78386844) January 3, 2026
इन शानदार प्रदर्शनों के बावजूद शमी को लगातार नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। यह स्पष्ट करता है कि टीम चयन में सिर्फ़ प्रदर्शन नहीं बल्कि अन्य पहलुओं जैसे चयनकर्ताओं के साथ तालमेल या भविष्य की योजनाएं को भी अहम माना जा रहा है। शमी के लगातार आउट होने से यह संभावना जताई जा रही है कि अब वह भारतीय टीम की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं, चाहे वह वनडे, T20 या टेस्ट फॉर्मेट हो।
शमी ने आखिरी बार पिछले साल न्यूज़ीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के लिए खेला था। उस मैच में उन्होंने 9 ओवर में 74 रन देकर एक विकेट लिया। इसके बाद से उन्हें टीम में जगह नहीं मिली। टेस्ट में शमी ने भारत के लिए 64 मैचों में 229 विकेट लिए हैं। वनडे में 108 मैचों में उनके नाम 206 विकेट दर्ज हैं और T20 में 25 मैचों में 27 विकेट उनके खाते में हैं।
शमी की घरेलू फॉर्म और अनुभव को देखते हुए टीम से बाहर होना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा संकेत है। यह न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए अहम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि टीम की भविष्य की योजनाओं में नए तेज़ गेंदबाज़ों को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है। मोहम्मद शमी की जगह अब युवा और फिट गेंदबाज़ों को मौके मिलने की संभावना बढ़ गई है।