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भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल से पहले जोस बटलर सबसे बड़ा खतरा माने जा रहे हैं। वानखेड़े स्टेडियम में उनका रिकॉर्ड शानदार है। ऐसे में टीम इंडिया के गेंदबाजों के सामने चुनौती होगी कि बटलर को शुरुआत में ही कैसे रोका जाए।
IND vs ENG सेमीफाइनल से पहले खास रिपोर्ट
Mumbai: टी20 वर्ल्ड कप के हाई वोल्टेज सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड की टक्कर से पहले सबसे ज्यादा चर्चा इंग्लैंड के कप्तान और स्टार बल्लेबाज जोस बटलर को लेकर हो रही है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में जब भी बटलर क्रीज पर उतरते हैं तो मैच का मिजाज पलटने में उन्हें ज्यादा वक्त नहीं लगता। इस टूर्नामेंट में अब तक उनका बल्ला ज्यादा नहीं चला है, लेकिन क्रिकेट के जानकार मानते हैं कि बटलर जैसे मैच-विनर को लंबे समय तक शांत रखना आसान नहीं होता। खासकर ऐसे मैदान पर, जहां बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिलता है।
वानखेड़े में बटलर का दमदार रिकॉर्ड
मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम बटलर के लिए नया नहीं है। यहां उन्होंने अब तक 31 टी20 मुकाबले खेले हैं और 909 रन बनाए हैं। उनका औसत 32.46 और स्ट्राइक रेट करीब 143.82 का रहा है। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और तीन अर्धशतक भी निकल चुके हैं। ऐसे आंकड़े साफ बताते हैं कि अगर बटलर को शुरुआत में ही लय मिल गई तो वह तेजी से मैच का रुख बदल सकते हैं और विरोधी टीम पर भारी दबाव बना सकते हैं।
उनकी बल्लेबाजी की खास ताकत
बटलर की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनका लो सेंटर ऑफ ग्रैविटी माना जाता है। वह क्रीज पर हल्का झुककर बल्लेबाजी करते हैं, जिससे उनका बैलेंस काफी मजबूत रहता है। इसी वजह से सामने की दिशा में खेले गए उनके शॉट बेहद ताकतवर होते हैं। अगर गेंद सीधी लाइन में या पैड्स के आसपास पड़ जाए तो वह उसे सीधे मैदान के पार या स्ट्रेट बाउंड्री की तरफ भेजने में देर नहीं लगाते।
ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी बन सकती है हथियार
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बटलर को रोकने का सबसे असरदार तरीका ऑफ स्टंप के बाहर चौथे और पांचवें स्टंप की लाइन पर लगातार गेंदबाजी करना हो सकता है। इस लाइन पर बल्लेबाज को ड्राइव या कट खेलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे गलती की संभावना बढ़ जाती है। हाल के मुकाबलों में भी बटलर को इसी एरिया में स्लाइस शॉट खेलते या आउट होते देखा गया है।
स्पिन गेंदबाजी से भी बन सकता है दबाव
भारतीय टीम चाहे तो पावरप्ले के बाद जल्दी ही स्पिन गेंदबाजों को लगा सकती है। वरुण चक्रवर्ती की मिस्ट्री स्पिन और अक्षर पटेल की लेफ्ट आर्म स्पिन बटलर के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है। अगर इन गेंदबाजों को सही समय पर इस्तेमाल किया गया तो बटलर को बड़े शॉट खेलने के लिए ज्यादा जोखिम लेना पड़ेगा।
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शुरुआत में रोकना ही सबसे बड़ा प्लान
टी20 क्रिकेट में बटलर उन बल्लेबाजों में गिने जाते हैं जो पावरप्ले से लेकर डेथ ओवर तक हर फेज में तेजी से रन बना सकते हैं। यही वजह है कि टीम इंडिया की पहली कोशिश यही होगी कि उन्हें शुरुआती ओवरों में ही बांधकर रखा जाए। अगर शुरुआत में रन नहीं मिलते तो बल्लेबाज अक्सर जोखिम लेने की कोशिश करता है और वहीं गलती की संभावना बढ़ जाती है।
मैच का टर्निंग पॉइंट बन सकते हैं बटलर
इस मुकाबले में बटलर का विकेट ही मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। अगर भारत उन्हें जल्दी आउट करने में सफल रहा तो इंग्लैंड पर दबाव बढ़ सकता है। लेकिन अगर बटलर ने लय पकड़ ली तो वह अकेले दम पर मैच पलटने की ताकत रखते हैं। ऐसे में वानखेड़े की पिच पर आज भारतीय गेंदबाजों की सबसे बड़ी परीक्षा यही होगी कि वे जोस बटलर को कितनी देर तक खामोश रख पाते हैं।