मैदान पर रोनाल्डो के आंसू और आखिरी 4 मिनट का वो सच, जिसने बदल दिया पुर्तगाल का इतिहास

जब 41 साल का खिलाड़ी मैदान पर रो पड़ा, तो लगा सब खत्म हो गया। कोच के एक ऐसे फैसले ने पूरी दुनिया को चौंका दिया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। लेकिन आखिरी 4 मिनट में जो हुआ, उसने फुटबॉल का इतिहास बदल दिया।

Updated : 3 July 2026, 12:57 PM IST
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New Delhi: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 के एक सांस रोक देने वाले मुकाबले में पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ ही दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप ट्रॉफी उठाने का सपना अभी भी जिंदा है। मैच के हीरो रहे कप्तान रोनाल्डो, जिन्होंने अपने करियर का एक बड़ा सूखा खत्म करते हुए फीफा वर्ल्ड कप इतिहास के नॉकआउट स्टेज में अपना पहला गोल दागा। अब अगले दौर (राउंड ऑफ 16) में पुर्तगाल की भिड़ंत स्पेन जैसी मजबूत टीम से होगी।

दूसरे हाफ का रोमांच

मैच का पहला हाफ उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन असली रोमांच दूसरे हाफ में शुरू हुआ। खेल के 53वें मिनट में क्रोएशिया के अनुभवी लेफ्ट-बैक इवान पेरिसिच ने पुर्तगाल के डिफेंडर जोआओ कैंसिलो और गोलकीपर डिएगो कोस्टा को चमका देते हुए एक शानदार गोल किया। इस गोल की बदौलत क्रोएशिया ने 1-0 की शुरुआती बढ़त बना ली और पुर्तगाल की टीम संकट में नजर आने लगी।

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कोच मार्टिनेज की रणनीति और रोनाल्डो की ऐतिहासिक पेनल्टी

पिछड़ने के बाद पुर्तगाल के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने बड़ा जोखिम उठाया। उन्होंने मिडफील्ड के दो बड़े चेहरों- ब्रूनो फर्नांडीस और विटिन्हा को मैदान से बाहर बुलाकर चार महत्वपूर्ण बदलाव किए। कोच का यह दांव जल्द ही सही साबित हुआ। एक कॉर्नर के दौरान क्रोएशियाई बॉक्स में पुर्तगाल के डिफेंडर रेनाटो वेइगा को गिरा दिया गया, जिस पर पुर्तगाल को पेनल्टी मिली। मैच के 68वें मिनट में क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इस सुनहरे मौके को हाथ से नहीं जाने दिया और पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।

41 की उम्र में रचा इतिहास: नॉकआउट का सूखा खत्म

इस गोल के साथ ही 41 वर्षीय रोनाल्डो ने फुटबॉल इतिहास के पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया। अब वह विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में गोल दागने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने नॉकआउट मैचों में गोल न कर पाने के अपने पुराने सिलसिले को भी तोड़ दिया। इससे पहले खेले गए पांच विश्व कप के 8 नॉकआउट मैचों में उनके नाम एक भी गोल या असिस्ट नहीं था।

इस गोल के बाद रोनाल्डो के नाम अब तक छह अलग-अलग वर्ल्ड कप एडिशंस में कुल 11 गोल हो चुके हैं। यही नहीं, यूरोपियन चैंपियनशिप और फीफा वर्ल्ड कप को मिलाकर वह 25 गोल करने वाले दुनिया के पहले पुरुष फुटबॉलर बन गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब उनके नाम 232 मैचों में रिकॉर्ड 146 गोल दर्ज हैं।

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आखिरी मिनटों में गोंसालो रामोस बने संकटमोचक

टूर्नामेंट में अपना तीसरा गोल (इससे पहले ग्रुप स्टेज में उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो गोल) दागने के बाद, 81वें मिनट में कोच ने रोनाल्डो को मैदान से बाहर बुलाकर सबको चौंका दिया। इस विश्व कप में यह पहला मौका था जब रोनाल्डो को सब्स्टीट्यूट किया गया। लेकिन कोच का यह फैसला अंतिम पलों में मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ।

जब मैच एक्स्ट्रा टाइम की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी इंजरी टाइम के आखिरी पलों (90+4वें मिनट) में युवा खिलाड़ी गोंसालो रामोस ने एक जादुई गोल दागकर पुर्तगाल को 2-1 की यादगार और रोमांचक जीत दिला दी। इस गोल के साथ ही पुर्तगाल ने टूर्नामेंट से बाहर होने के खतरे को टाल दिया और अगले दौर का टिकट कटा लिया।

Location :  New Delhi

Published :  3 July 2026, 12:57 PM IST

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