हिंदी
पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज़ और मौजूदा टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने अपने जीवन में सच्चे प्यार की मिसाल पेश की। 1990 के दशक में उनकी मुलाकात अपने दोस्त मज़हर गाडियाली की बहन फातिमा से हुई, और दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।
अजीत अगरकर पत्नी के साथ (Img: Internet)
New Delhi: कहते हैं कि सच्चा प्यार किसी धर्म या सामाजिक बाधा को नहीं मानता। भारतीय क्रिकेट के कई खिलाड़ियों ने इस सिद्धांत को साबित किया है। मौजूदा टीम में ऑलराउंडर शिवम दुबे ने अपने से छह साल बड़ी मुस्लिम लड़की से शादी कर धर्म की बाधाओं को पीछे छोड़ा। इसी तरह, पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज़ और मौजूदा टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने भी अपने जीवन में एक अनोखा कदम उठाया।
कहानी 1990 के दशक की है। मुंबई के घरेलू क्रिकेटर मज़हर गाडियाली की दोस्ती युवा तेज़ गेंदबाज़ अजीत अगरकर से हुई। अक्सर मज़हर के मैच देखने जाते समय अजीत की मुलाकात मज़हर की बहन फातिमा से हुई। फातिमा एक मैनेजमेंट कंसल्टेंट थीं और उनकी सरलता और सादगी ने अजीत का दिल जीत लिया। मैदान पर क्रिकेट की दोस्ती, मैदान के बाहर प्यार में बदल गई।
अजीत अगरकर पत्नी के साथ (Img: Internet)
1998 में अजीत ने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया। इस समय फातिमा उनकी सबसे बड़ी सपोर्ट सिस्टम बनकर उभरीं। लेकिन उनका प्यार आसान नहीं था। अजीत एक हिंदू ब्राह्मण परिवार से थे और फातिमा मुस्लिम परिवार से। उस समय अलग धर्मों में शादी करना चुनौतीपूर्ण था। परिवार और समाज की आपत्तियों के बावजूद, दोनों ने तय किया कि उनका प्यार धर्म की दीवारों से सीमित नहीं होगा।
यह भी पढ़ें- मुस्तफिजुर रहमान IPL 2026 में खेलेंगे या नहीं? BCCI ने दिया साफ जवाब
2002 में अजीत और फातिमा ने एक सादे समारोह में शादी की। यह शादी निजी रखी गई, जिसमें सिर्फ करीबी दोस्त और परिवार वाले शामिल हुए। शादी के रिसेप्शन में पूरी भारतीय क्रिकेट टीम शामिल थी। आज, अजीत और फातिमा 21 साल से साथ हैं और उनका एक बेटा राज है। उनके रिश्ते ने यह साबित किया कि प्यार में ईमानदारी और धैर्य सबसे बड़ी ताकत हैं।
अजीत अगरकर पत्नी के साथ (Img: Internet)
अजीत अगरकर का इंटरनेशनल करियर 16 साल तक चला। उन्होंने 26 टेस्ट, 191 वनडे और 4 T20 इंटरनेशनल मैच खेले। ODI में अगरकर भारत के लिए तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं। उन्होंने 1999, 2003 और 2007 के वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 2007 में पहला T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा भी रहे।
यह भी पढ़ें- VJD मेथड क्या है? जिसने विजय हजारे ट्रॉफी में यूपी को असम पर दिलाई जीत
अजीत और फातिमा की कहानी यह दर्शाती है कि सच्चा प्यार धर्म और सामाजिक बाधाओं से ऊपर होता है। अगरकर ने न केवल अपने करियर में बल्कि निजी जीवन में भी साहस और प्रतिबद्धता का परिचय दिया। उनका रिश्ता और करियर दोनों भारतीय क्रिकेट के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।