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घर के प्रवेश द्वार पर नींबू-मिर्च (Img- Pinterest)
New Delhi: अक्सर आपने घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मुख्य द्वार पर नींबू और हरी मिर्च लटकी देखी होगी। आम बोलचाल में इसे नजरबट्टू कहा जाता है और लोग इसे केवल टोटके के रूप में देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस प्राचीन परंपरा के पीछे गहरा वास्तु शास्त्र और वैज्ञानिक आधार भी छिपा है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से ऊर्जा का प्रवेश होता है। ऐसे में प्रवेश द्वार पर नींबू-मिर्च टांगना नकारात्मक ऊर्जा को घर के भीतर आने से रोकने का काम करता है।
वास्तु शास्त्र में नींबू और मिर्च के संयोजन को बहुत प्रभावी माना गया है। नींबू का अत्यधिक खट्टापन और मिर्च का तीखापन अपनी प्रकृति के कारण तेज गंध और तरंगें उत्पन्न करते हैं।
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मान्यता है कि जब भी कोई व्यक्ति बुरी नीयत या नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) के साथ प्रवेश करने की कोशिश करता है, तो नींबू का खट्टापन और मिर्च का तीखा स्वभाव उस नकारात्मकता को अपने भीतर सोख लेता है। यह एक तरह का प्राकृतिक सुरक्षा कवच (Protective Shield) बनकर घर के माहौल को खुशहाल और पॉजिटिव बनाए रखता है।
शास्त्रों और वास्तु के नियमों के अनुसार नींबू-मिर्च को नियमित अंतराल पर बदलते रहना चाहिए। इसके लिए शनिवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। शनिवार का संबंध शनिदेव और राहु-केतु के दुष्प्रभावों के निवारण से है।
हफ्ते भर में जो भी नकारात्मक ऊर्जा नींबू-मिर्च सोखती है, उसे शनिवार के दिन हटाकर नया नींबू-मिर्च टांगने से घर की पवित्रता और पॉजिटिव वाइब्स बरकरार रहती है। पुराना नींबू-मिर्च हमेशा किसी निर्जन स्थान या बहते जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।
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यह परंपरा केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि आस्था, वास्तु और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक है। अपने घर के मुख्य द्वार पर छोटा सा बदलाव करके आप न केवल अपने परिवार को बुरी नजर से बचा सकते हैं, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और शांति का माहौल भी निर्मित कर सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 10 September 2026, 2:47 PM IST