आजम खान समेत 5 पर हज समिति की जमीन मामले में FIR, 60 हजार वर्गफीट जमीन की बिक्री पर उठे सवाल

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान समेत पांच लोगों के खिलाफ हज समिति की जमीन बिक्री में कथित अनियमितताओं को लेकर विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की है। मामला लखनऊ की करीब 60 हजार वर्गफीट जमीन से जुड़ा है। जांच में समिति को करीब 2.08 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात सामने आई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 10 September 2026, 2:40 PM IST
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Lucknow: वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। हज समिति की जमीन की बिक्री में कथित अनियमितताओं के मामले में विजिलेंस ने आजम खान समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में करीब 60 हजार वर्गफीट जमीन की बिक्री में नियमों की अनदेखी और निजी फर्म को फायदा पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में हज समिति को करीब 2.08 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात भी सामने आई है।

आजम खान समेत पांच लोगों पर केस

मामला उस समय का है जब आजम खान राज्य हज समिति के अध्यक्ष थे। एफआईआर में उनके अलावा तत्कालीन सचिव लईक अहमद, डॉ. एमएए खान और आमिश डेवलपर्स से जुड़े मोहम्मद अयूब व मुस्तकीम अहमद को आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस के लखनऊ सेक्टर में इंस्पेक्टर ध्रुव चंद्र मौर्य की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

60 हजार वर्गफीट जमीन की बिक्री पर सवाल

विजिलेंस की जांच के मुताबिक, लखनऊ के ऐशबाग क्षेत्र के कायमखेड़ा (दुगांवा) में खसरा संख्या 117 में हज समिति की करीब 60 हजार वर्गफीट जमीन थी। आरोप है कि इस जमीन की बिक्री की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया और निजी फर्म आमिश डेवलपर्स को लाभ पहुंचाने के लिए पद का दुरुपयोग किया गया।

जांच में जमीन की बिक्री से हज समिति को करीब 2.08 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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2024 में शासन ने दिए थे जांच के आदेश

इस मामले में उत्तर प्रदेश शासन के सतर्कता विभाग ने 3 मई 2024 को जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद विजिलेंस ने मामले की जांच की। जांच में कथित तौर पर जमीन की बिक्री में नियमों की अनदेखी और निजी फर्म को लाभ पहुंचाने से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज की गई।

धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की धाराओं में केस

विजिलेंस ने आरोपों के आधार पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब मामले की विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान जमीन की बिक्री की प्रक्रिया, संबंधित दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।

एफआईआर दर्ज होने के बाद आजम खान और अन्य आरोपियों की भूमिका एक बार फिर जांच के दायरे में आ गई है। फिलहाल यह मामला आरोपों और जांच के स्तर पर है तथा आगे की कार्रवाई विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

Location :  Lucknow

Published :  10 September 2026, 2:40 PM IST

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