Varada Chaturthi 2026: वरद चतुर्थी व्रत आज, रात 11:08 बजे तक न देखें चांद, वरना…

अधिकमास की वरद चतुर्थी आज 20 मई को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है और चंद्र दर्शन वर्जित है। रात 11:08 बजे तक चांद देखने से बचने की सलाह दी गई है, वरना मिथ्या दोष लग सकता है। व्रतधारी अगले दिन पारण करते हैं।

Updated : 20 May 2026, 10:43 AM IST
google-preferred

New Delhi: वरद चतुर्थी का पावन पर्व आज 20 मई, बुधवार को मनाया जा रहा है। यह तिथि अधिकमास में आने के कारण और भी विशेष मानी जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए अत्यंत शुभ होता है।

गणेश पूजन का विशेष महत्व

वरद चतुर्थी को Lord Ganesha की आराधना का विशेष दिन माना जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत से सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है और जीवन के विघ्न दूर होते हैं।

Ganesha Puja: बुधवार को भगवान गणेश की पूजा से दूर होंगे विघ्न, करें ये उपाय जल्द बनेंगे बिगड़े काम

चंद्र दर्शन क्यों है वर्जित

धार्मिक परंपराओं के अनुसार वरद चतुर्थी पर चंद्रमा के दर्शन करना वर्जित माना गया है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा देखने से झूठे आरोप या मिथ्या दोष लग सकते हैं। इसलिए श्रद्धालुओं को इस दिन चंद्र दर्शन से बचने की सलाह दी जाती है।

तिथि और समय का विवरण

जानकारी के अनुसार चतुर्थी तिथि 19 मई दोपहर 02:18 बजे से शुरू होकर 20 मई सुबह 11:06 बजे समाप्त हो गई। उदयातिथि के अनुसार यह पर्व आज 20 मई को ही मनाया जा रहा है। व्रतधारकों के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

चंद्र दर्शन से बचने का समय

ज्योतिषाचार्य के अनुसार बुधवार, 20 मई को रात 11 बजकर 08 मिनट तक चंद्र दर्शन से बचने की सलाह दी गई है। इस अवधि में चंद्रमा को देखना धार्मिक रूप से अशुभ माना गया है और इससे दोष लग सकता है।

बुद्धि और सुख-समृद्धि के लिए ऐसे करें बुधवार को गणेश जी की पूजा, जानें संपूर्ण विधि, मंत्र, भोग और आरती

यदि गलती से चंद्र दर्शन हो जाए तो उपाय

अगर किसी कारणवश गलती से चंद्रमा के दर्शन हो जाएं तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। शास्त्रों के अनुसार ऐसी स्थिति में ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए या फिर ‘स्यमंतक मणि’ की कथा सुननी चाहिए। इससे संभावित दोष का निवारण माना जाता है।

व्रत पारण का नियम

वरद चतुर्थी व्रत में चंद्रमा की पूजा का कोई महत्व नहीं होता। इसलिए व्रत रखने वाले श्रद्धालु अगले दिन सूर्योदय के बाद ही व्रत का पारण करते हैं। इस नियम का पालन करना धार्मिक दृष्टि से आवश्यक माना गया है।

Location :  New Delhi

Published :  20 May 2026, 10:43 AM IST

Advertisement