Nirjala Ekadashi 2026: जून की भीषण गर्मी में नहीं रख सकते निर्जला व्रत? तो करें ये खास उपाय

निर्जला एकादशी 2026 का व्रत 25 जून को है। अगर आप भीषण गर्मी के कारण यह कठिन उपवास नहीं रख पा रहे हैं, तो विष्णु सहस्रनाम की 'ध्वनि थेरेपी' और मानसिक उपवास के जरिए भी भगवान विष्णु का पूर्ण आशीर्वाद और पुण्य फल पा सकते हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 17 June 2026, 12:32 PM IST
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New Delhi: हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और फलदायी मानी जाने वाली निर्जला एकादशी का व्रत इस साल 25 जून 2026 को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस एकमात्र एकादशी का उपवास रखने से साल भर की सभी 24 एकादशियों का पुण्य मिल जाता है। चूंकि यह व्रत जून की भीषण गर्मी में बिना पानी पिए (निर्जल) रखा जाता है, इसलिए इसे सबसे कठिन व्रतों में गिना जाता है।

खराब स्वास्थ्य, बढ़ती उम्र या अन्य मजबूरियों के कारण कई लोग चाहकर भी यह उपवास नहीं कर पाते। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है; इस बार हम आपको एक ऐसा अनोखा और प्रामाणिक 'सीक्रेट उपाय' बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप बिना भूखे-प्यासे रहे भी भगवान विष्णु की पूर्ण कृपा पा सकते हैं।

विष्णु सहस्रनाम और 'साउंड हीलिंग' का नया विज्ञान

शास्त्रों के अनुसार, यदि आप शारीरिक असमर्थता के कारण निर्जला एकादशी का व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो 'विष्णु सहस्रनाम' का पाठ आपके लिए संजीवनी साबित हो सकता है। आधुनिक विज्ञान भी अब 'साउंड थेरेपी' (ध्वनि चिकित्सा) के महत्व को स्वीकार कर रहा है। निर्जला एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद भगवान विष्णु के 1000 नामों यानी विष्णु सहस्रनाम का शुद्ध उच्चारण के साथ पाठ करना या उसे केवल ध्यान लगाकर सुनना, मानव शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

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इस स्तोत्र से निकलने वाली विशेष ध्वनि तरंगें (Vibrations) मस्तिष्क को शांत करती हैं और शरीर के चक्रों को जाग्रत करती हैं, जिससे साधक को मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर वही लाभ मिलता है जो निर्जल उपवास से प्राप्त होता है।

जानिए साल 2026 की निर्जला एकादशी का शुभ मुहूर्त और पारण समय

इस साल पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जून 2026 को शाम 6 बजकर 12 मिनट पर होगी, जिसका समापन अगले दिन 25 जून 2026 को रात 8 बजकर 9 मिनट पर होगा। शास्त्रों में उदया तिथि की महत्ता के कारण निर्जला एकादशी का मुख्य व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को ही रखा और माना जाएगा।

गुरुवार का दिन होने के कारण इस एकादशी का महत्व और अधिक बढ़ गया है क्योंकि यह दिन श्रीहरि विष्णु को अत्यंत प्रिय है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए पारण (व्रत खोलने) का शुभ समय अगले दिन यानी 26 जून 2026 को सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 8 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।

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मानसिक उपवास के साथ करें श्रीहरि का विशेष पूजन

यदि आप अन्न-जल का त्याग नहीं कर सकते, तो एकादशी के दिन 'मानसिक उपवास' (Mental Fasting) का संकल्प लें। इस दिन सुबह तांबे के पात्र में गंगाजल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद भगवान विष्णु की मूर्ति के समक्ष घी का दीपक जलाकर उन्हें पीले फूल, पीला चंदन, तुलसी दल और पीले फल (जैसे केला या आम) अर्पित करें।

पूजा के दौरान अपने विचारों को शुद्ध रखें, किसी की निंदा न करें और पूरे दिन मौन रहने का प्रयास करें। विचारों का यह उपवास और विष्णु सहस्रनाम का पाठ मिलकर आपके भीतर की नकारात्मकता को नष्ट कर सुख, समृद्धि और अटूट शांति का वरदान देता है।

Location :  New Delhi

Published :  17 June 2026, 12:32 PM IST

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