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दिवाली पर किस तरफ विराजेंगी मां लक्ष्मी और गणेश जी (Img- AI)
New Delhi: आज यानी 8 नवंबर को देशभर में दीवाली का पर्व मनाया जा रहा है। जैसा कि आप जानते ही हैं कि दीवाली का त्योहार देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश जी को समर्पित है। इस खास दिन पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। इस दिन भक्त सुख, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना करते हैं।
वहीं त्योहार की तैयारियों में घर की साफ-सफाई और सजावट के साथ-साथ पूजा के लिए एक विशेष स्थान तैयार करना भी शामिल है। वास्तु शास्त्र और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, देवी-देवताओं की मूर्तियों को सही दिशा में रखना शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर देवी-देवताओं की मूर्ति सही दिशा में रखी जाए तो घर में भगवान का वास होता है। आइए फिर जानते हैं कि दीवाली पूजा के लिए मां लक्ष्मी और गणेश जी को कहां विराजे।
वास्तु के अनुसार, घर का उत्तर-पूर्व कोना जिसे 'ईशान कोण' भी कहा जाता है। यह पूजा के लिए सबसे शुभ स्थान है, क्योंकि यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक कार्यों से जुड़ी है। यदि वहां पूजा का स्थान बनाना संभव न हो, तो उत्तर दिशा दूसरा सबसे अच्छा विकल्प है। उत्तर दिशा का संबंध धन के देवता कुबेर से है। वहीं इसके विपरीत, दक्षिण-पश्चिम कोने में, सीढ़ियों के नीचे या बाथरूम के पास पूजा का स्थान बनाने से बचना चाहिए।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, दीवाली की पूजा करते समय व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इसके लिए मूर्तियों को इस तरह रखा जाना चाहिए कि उनका मुख पश्चिम या दक्षिण दिशा की ओर हो। पूर्व दिशा को सकारात्मकता और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, जबकि उत्तर दिशा का संबंध धन और आर्थिक समृद्धि से है। यह भी माना जाता है कि देवी लक्ष्मी का मुख घर के मुख्य द्वार की ओर होना शुभ होता है।
मूर्ति रखते समय न करें ये गलतियां (Img- AI)
बता दें कि दीवाली की पूजा में देवी लक्ष्मी की मूर्ति को भगवान गणेश के दाईं ओर रखने की परंपरा है। यदि देवी सरस्वती की भी पूजा की जा रही है, तो उनकी मूर्ति को भगवान गणेश के बाईं ओर रखा जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से होती है, जिसके बाद देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इन दोनों की पूजा करने से बुद्धि, विवेक और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
पूजा के लिए, एक साफ लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। देवी-देवताओं की मूर्तियों को सीधे ज़मीन पर रखने के बजाय इस चौकी पर स्थापित करें। मुख्य घी का दीपक मूर्तियों के दाईं ओर रखें। चौकी के उत्तर-पूर्व कोने में पानी से भरा एक कलश रखें, जिसके ऊपर आम के पत्ते और नारियल रखा हो। आप देवी लक्ष्मी के पास सिक्के, बही-खाते या अपनी तिजोरी की चाबियां भी रख सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 8 November 2026, 9:05 AM IST