Chaiti Chhath: क्या है चैती छठ का धार्मिक महत्व, नहीं जानते तो पढ़ें ये कथा

चैती छठ 2026 की तारीख, पूजा विधि, व्रत का महत्व और पौराणिक कथा जानें। 22 से 25 मार्च तक मनाए जाने वाले इस पर्व में सूर्य देव और छठी मईया की आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 24 March 2026, 8:37 AM IST
google-preferred

New Delhi: लोकआस्था का महापर्व चैती छठ इस वर्ष 22 मार्च से 25 मार्च 2026 तक मनाया जा रहा है। नवरात्रि के दौरान आने वाले इस विशेष पर्व में सूर्य देव और छठी मईया की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस व्रत को सच्ची श्रद्धा और नियमों के साथ करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

कब से कब तक मनाया जाएगा चैती छठ

पंचांग के अनुसार, चैती छठ का पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होकर सप्तमी तिथि तक चलता है। चार दिनों तक चलने वाले इस व्रत में श्रद्धालु कठोर नियमों का पालन करते हैं और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं।

क्या है चैती छठ का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठ पर्व सूर्य उपासना का सबसे पवित्र अवसर माना जाता है। इस दौरान विवस्वान रूप में सूर्य देव की पूजा की जाती है। मान्यता है कि छठ व्रत करने से न केवल सुख-समृद्धि मिलती है, बल्कि व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति भी प्राप्त होती है।

पुराणों में मिलता है छठ पर्व का उल्लेख

धार्मिक ग्रंथों में भी छठ पर्व की महिमा का वर्णन मिलता है। भविष्य पुराण के अनुसार, चैत्र महीने में सूर्य देव की पूजा विशेष फलदायी मानी गई है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को सूर्यलोक की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

Chhath Festival 2025: क्यों मनाया जाता है छठ महापर्व, जानें क्या है सूर्य देव और छठी मैया की कथा

चैती छठ से जुड़ी पौराणिक कथाएं

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य पुत्र कर्ण ने सबसे पहले सूर्य षष्ठी व्रत की शुरुआत की थी। इसके अलावा एक कथा में भगवान श्रीराम का भी उल्लेख मिलता है, जिन्होंने लंका विजय के बाद अयोध्या लौटने पर सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए व्रत और पूजा की थी।

एक अन्य कथा के अनुसार, राजा प्रियवद संतान सुख से वंचित थे। महर्षि कश्यप के यज्ञ के बाद भी उन्हें मृत संतान प्राप्त हुई, जिससे वे अत्यंत दुखी हो गए। तभी देवी षष्ठी प्रकट हुईं और उन्हें व्रत एवं पूजा का मार्ग बताया। राजा ने विधिपूर्वक व्रत किया, जिससे उन्हें स्वस्थ पुत्र की प्राप्ति हुई।

Chaiti Chhath Puja : आज से शुरू हुई चैती छठ, जानिये खरना से पारन की पूरी डिटेल

साल में दो बार मनाया जाता है छठ पर्व

छठ पूजा साल में दो बार मनाई जाती है। चैत्र महीने में पड़ने वाले छठ को चैती छठ कहा जाता है, जबकि कार्तिक महीने में मनाए जाने वाले पर्व को कार्तिकी छठ के नाम से जाना जाता है। दोनों ही पर्वों की पूजा विधि, नियम और महत्व समान होते हैं।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करते। किसी भी व्रत या पूजा को करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ या ज्ञानी व्यक्ति से सलाह अवश्य लें।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 24 March 2026, 8:37 AM IST

Advertisement