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Chandauli: आस्था, अटूट संकल्प और समाज सेवा का एक बेहद अनूठा और प्रेरणादायक संगम उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में देखने को मिला। बिहार के लखीसराय जिले के रहने वाले एक युवक गौरव कुमार प्रजापति इन दिनों भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर बाबा केदारनाथ के धाम की बेहद कठिन पदयात्रा पर निकले हैं। अपनी इस लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा के दौरान गौरव कुमार प्रजापति बुधवार रात करीब 10 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) पहुंचे। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने जब इस युवक के जज्बे को देखा, तो हर कोई उनकी सराहना करने से खुद को रोक नहीं पाया।
मुगलसराय में बातचीत के दौरान गौरव कुमार प्रजापति ने अपनी इस यात्रा के पीछे के मुख्य उद्देश्य का खुलासा किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बताया कि यह यात्रा केवल उनकी कोई व्यक्तिगत धार्मिक श्रद्धा या मन्नत का प्रतीक नहीं है। इसके पीछे एक बड़ा और नेक मकसद छिपा है। वह अपने परिवार की सुख-समृद्धि, लंबी उम्र और समाज के जनकल्याण की मंगलकामना के लिए इस बेहद कठिन रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। उनका मानना है कि यदि समाज में सकारात्मक बदलाव और खुशहाली आती है, तो उनका यह कठिन प्रयास पूरी तरह सफल हो जाएगा।
गौरव ने बताया कि उन्होंने बिहार के लखीसराय से अपनी इस पदयात्रा की शुरुआत बीते महीने की 20 तारीख को की थी। वर्तमान में उनकी इस यात्रा का 15वां दिन चल रहा है। चिलचिलाती धूप, उमस और थकावट के बीच वे लगातार पैदल चलते हुए उत्तराखंड में स्थित भगवान भोलेनाथ के पवित्र धाम केदारनाथ की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने दो महीने के भीतर बाबा के दर पर पहुंचने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि, गौरव ने यह भी कहा कि आगे की यात्रा की गति और समय पूरी तरह से उनके शरीर की क्षमता और मौसम पर निर्भर करेगी।
जब गौरव कुमार प्रजापति से सैकड़ों किलोमीटर के इस बेहद दुर्गम और लंबे रास्ते में आने वाली शारीरिक पीड़ा, पैरों के छालों और अन्य चुनौतियों के बारे में पूछा गया, तो उनके चेहरे पर शिकन की बजाय एक बड़ी मुस्कान तैर गई। गौरव ने बेहद सकारात्मक अंदाज में जवाब देते हुए कहा, "दर्द हजारों हैं, लेकिन मजा आ रहा है।" उनके इस सकारात्मक दृष्टिकोण, गजब के आत्मविश्वास और अटूट शिव भक्ति ने रास्ते में मिलने वाले हर इंसान को गहराई से प्रभावित किया है। गौरव की यह पदयात्रा आज के युवाओं के लिए दृढ़ संकल्प और मजबूत इच्छाशक्ति का एक बड़ा और जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है।
Location : Chandauli
Published : 4 June 2026, 11:02 AM IST
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