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अक्षय तृतीया 2026 (Img- Internet)
New Delhi: अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, यानी वह “अक्षय” रहता है। विशेष रूप से पूजा, मंत्र जाप और दान करने से कई गुना अधिक लाभ प्राप्त होता है। इस दिन बिना मुहूर्त देखे भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
मंत्र केवल शब्दों का उच्चारण नहीं होता, बल्कि यह साधक की भावना और श्रद्धा से जुड़ा होता है। जब कोई व्यक्ति पूरी आस्था और एकाग्रता से मंत्रों का जाप करता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव जीवन पर पड़ता है। अक्षय तृतीया पर मंत्र जाप करने से मानसिक शांति, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। धन और समृद्धि के लिए “ॐ आध्य लक्ष्म्यै नमः”, “ॐ विद्या लक्ष्म्यै नमः”, “ॐ सौभाग्य लक्ष्म्यै नमः” और “ॐ अमृत लक्ष्म्यै नमः” जैसे मंत्रों का जाप करना बेहद फलदायी माना जाता है। इन मंत्रों का 1 या 11 माला जाप करने की सलाह दी जाती है। यदि समय की कमी हो तो कम से कम 108 बार जाप करना भी लाभकारी होता है।
“ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा” मंत्र को अत्यंत शक्तिशाली माना गया है। इसका नियमित जाप करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। यह मंत्र साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
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अक्षय तृतीया के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। दीपक जलाएं, पुष्प अर्पित करें और लक्ष्मी स्तुति का पाठ करें। “आदि लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु परब्रह्म स्वरूपिणि” से लेकर “सर्व मङ्गल माङ्गल्ये” तक की स्तुति करने से जीवन में सुख, सौभाग्य और समृद्धि बनी रहती है।
इस दिन दान करना भी बेहद शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि दान से व्यक्ति को सम्मान और पुण्य की प्राप्ति होती है। अनाज, वस्त्र और धन का दान करने से समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और जीवन में संतुलन बना रहता है।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति अक्षय तृतीया पर सच्चे मन से पूजा और मंत्र जाप करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह दिन नई शुरुआत, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है।
Location : New Delhi
Published : 19 April 2026, 9:18 AM IST