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उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में नवरत्न कॉम्प्लेक्स स्थित ट्रेम्पोलिन पार्क स्काई विले में भीषण आग लग गई। आग से गेमिंग जोन का सारा प्लास्टिक और फोम सामान जलकर खाक हो गया, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई।
उदयपुर में बड़ा हादसा
Udaipur: राजस्थान के उदयपुर शहर में एक बड़े हादसे ने लोगों को दहला दिया। सुखेर थाना क्षेत्र में स्थित एक लोकप्रिय गेमिंग जोन में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए। यह घटना सुखेर इलाके के नवरत्न कॉम्प्लेक्स में बने ट्रेम्पोलिन पार्क स्काई विले (Sky Ville Trampoline Park) में हुई, जहां बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए बड़ी संख्या में गेमिंग सुविधाएं मौजूद थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। गेमिंग जोन में मौजूद प्लास्टिक का सामान, फोम के गद्दे, ट्रेम्पोलिन शीट और बच्चों के खेलने के उपकरण अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण तेजी से आग की चपेट में आ गए। आग की लपटें और काला धुआं दूर से ही दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि परिसर के अंदर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और फोम सामग्री मौजूद थी। आग बुझाने के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर नवरत्न कॉम्प्लेक्स और आसपास के इलाके को खाली कराया गया।
राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त गेमिंग जोन में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आग के कारण ट्रेम्पोलिन पार्क को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, गेमिंग जोन में रखा लगभग सारा सामान जलकर नष्ट हो गया है। नुकसान का विस्तृत आंकलन अभी किया जा रहा है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के चलते यह हादसा हुआ हो सकता है। सुखेर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और दमकल विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद बड़े गेमिंग जोन और मनोरंजन स्थलों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।