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पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह पर हाईकमान का बड़ा प्रहार (Img- Pinterest)
Chandigarh: वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस आलाकमान ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए साफ संदेश दिया है कि पार्टी के भीतर गुटबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच चल रही तनातनी को न रोक पाने का खामियाजा भूपेश बघेल को भुगतना पड़ा है।
हाईकमान ने बघेल से पंजाब के प्रभारी का पद वापस ले लिया है। इस अंदरूनी कलह के कारण न केवल पार्टी की छवि प्रभावित हो रही थी, बल्कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राज्य का अपना प्रस्तावित दौरा भी स्थगित करना पड़ा था।
पंजाब में गुटबाजी को खत्म कर संगठन को एकजुट करने के लिए कांग्रेस ने अपने तेजतर्रार युवा नेता सचिन पायलट पर दांव खेला है। केरल विधानसभा चुनाव में पार्टी के ऑब्जर्वर के रूप में बेहतरीन रणनीति बनाने और वहां 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी कराने का इनाम पायलट को मिला है।
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राहुल गांधी के रणनीतिक प्लान में फिट बैठ रहे सचिन पायलट को अब पंजाब का नया महासचिव प्रभारी नियुक्त किया गया है। दूसरी ओर, भूपेश बघेल को असम का प्रभार सौंपा गया है।
संगठन में हुए इस बड़े फेरबदल में रणदीप सिंह सुरजेवाला का कद और मजबूत हुआ है। कर्नाटक में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच की खींचतान को कुशलता से सुलझाने का ईनाम देते हुए पार्टी ने उन्हें कर्नाटक के साथ-साथ गुजरात का भी प्रभारी बनाया है। गुजरात में 2027 के अंत में चुनाव होने हैं। अभी तक यह जिम्मेदारी मुकुल वासनिक संभाल रहे थे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी सूची के अनुसार, झारखंड से सांसद सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, महाराष्ट्र के पूर्व प्रभारी मणिकम टैगोर को तमिलनाडु का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
Location : Chandigarh
Published : 6 September 2026, 9:44 AM IST