Supreme Court Protest: राहुल गांधी के खिलाफ क्यों नाराज हुआ दलित वकीलों का संगठन? जानें पूरा मामला

दस्तक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष के मार्च को लेकर राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी और स्पष्टीकरण की मांग की है। अदालत परिसरों में राजनीतिक प्रदर्शनों पर रोक की मांग भी उठी।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 14 October 2026, 3:40 PM IST
google-preferred

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट तक विपक्षी नेताओं के विरोध मार्च को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। डॉ. आंबेडकर सोसायटी फॉर थॉट्स, एक्शंस एंड कॉन्शसनेस यानी 'दस्तक' नामक संगठन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। संगठन ने 13 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी को एक खुला पत्र जारी कर 12 अक्टूबर को हुए घटनाक्रम पर नाराजगी जताई।

संगठन का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में राजनीतिक लोगों के जुटने से अदालत की गरिमा और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उसने इस घटनाक्रम को संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।

SIR के विरोध में सुप्रीम कोर्ट तक निकाला गया था मार्च

यह विवाद निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बाद सामने आया है। विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था।

दस्तक संगठन ने इस घटनाक्रम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत के परिसर में राजनीतिक भीड़ जुटाना न्यायिक संस्था की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े करता है।

यह भी पढ़ें: Rahul Gandhi: चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका पर 26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में हो सकती है सुनवाई

राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग

संगठन ने राहुल गांधी से देश की जनता, न्यायपालिका और डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों में विश्वास रखने वाले लोगों से सार्वजनिक माफी मांगने की अपील की है। इसके साथ ही संगठन ने पूरे घटनाक्रम पर उनसे स्पष्टीकरण देने की मांग भी की है।

संगठन की आपत्ति मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि राजनीतिक विरोध के दौरान संवैधानिक संस्थाओं और न्यायपालिका की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट परिसरों में प्रदर्शनों पर रोक की मांग

इस विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट और सभी हाई कोर्ट परिसरों में राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर एक याचिका भी दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

याचिका में अदालत परिसरों में रैली, धरना, नारेबाजी और राजनीतिक प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की गई है। हालांकि, याचिका पर अदालत का क्या रुख रहता है, यह आगे की न्यायिक कार्यवाही से स्पष्ट होगा।

यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस पर राहुल गांधी के गंभीर आरोप, NSUI छात्रों ने सुनाई हिरासत में पिटाई की आपबीती; महिला प्रदर्शनकारियों ने क्या बताया?

न्यायपालिका की गरिमा को लेकर बढ़ी बहस

इस घटनाक्रम ने राजनीतिक विरोध के अधिकार और न्यायिक संस्थानों की गरिमा के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज कर दी है। जहां विपक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठा रहा है, वहीं दस्तक संगठन ने अदालत परिसर में राजनीतिक गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

फिलहाल, संगठन की ओर से राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी और स्पष्टीकरण की मांग की गई है। इस मामले में राहुल गांधी की प्रतिक्रिया और याचिका पर अदालत की कार्यवाही से आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

Location :  New Delhi

Published :  14 October 2026, 3:40 PM IST

Related News

Advertisement