दिल्ली पुलिस पर राहुल गांधी के गंभीर आरोप, NSUI छात्रों ने सुनाई हिरासत में पिटाई की आपबीती; महिला प्रदर्शनकारियों ने क्या बताया?

दिल्ली में SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध के बीच राहुल गांधी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। NSUI से जुड़े छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान मारपीट, फोन छीने जाने और दुर्व्यवहार के दावे किए।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 14 October 2026, 2:23 PM IST
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New Delhi: दिल्ली में SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को प्रदर्शनकारी छात्रों और एक कंटेंट क्रिएटर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए युवाओं के साथ मारपीट की गई। इस दौरान NSUI से जुड़े छात्रों ने भी अपने साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाएं बताईं।

प्रदर्शनकारियों के आरोपों के मुताबिक, हिरासत के दौरान कुछ छात्रों के फोन छीन लिए गए, उनके साथ मारपीट हुई और नाबालिगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई। राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि वे अपने पास मौजूद वीडियो और दूसरे सबूत सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके।

महिला प्रदर्शनकारियों ने लगाए मारपीट के आरोप

प्रदर्शनकारी अतीरा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और उनके एक कान की सुनने की क्षमता प्रभावित हुई। उन्होंने दावा किया कि बस में शुरुआत में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। उनके मुताबिक, कनॉट प्लेस से महिला पुलिसकर्मी चंचल यादव बस में आईं और उन्हें पुलिस स्टेशन के बेसमेंट में ले गईं।

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अतीरा ने आरोप लगाया कि बेसमेंट में CCTV कैमरे नहीं थे और वहां उनके साथ मुक्के से मारपीट की गई। उन्होंने आंख, मुंह और निजी अंगों पर चोट पहुंचाने का भी आरोप लगाया। NSUI से जुड़ी ऋतु बराला ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को तीन बसों में हिरासत में लिया गया था। उनके अनुसार, प्रत्येक बस में करीब 30 से 40 लोग थे। उनकी बस में दो लड़कियां और लगभग 20 से 30 अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

ऋतु का आरोप है कि प्रदर्शन जारी रखने के लिए जब उन्होंने बस से बाहर निकलने की कोशिश की, तो महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने उनकी गर्दन पकड़ी और धक्का दिया। उन्होंने दावा किया कि इससे वह सीट पर गिर गईं और उनके चेहरे पर नाखूनों से खरोंच आई। ऋतु ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें थप्पड़ मारा गया।

कंटेंट क्रिएटर और छात्र ने भी सुनाई आपबीती

प्रदर्शनकारी रमित ने खुद को कंटेंट क्रिएटर बताते हुए आरोप लगाया कि 11 अक्टूबर को RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर उन्हें हिरासत में लिया गया। उनके दावे के मुताबिक, कुछ लोगों के पास डंडे थे और पुलिस ने उनकी बात सुनकर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। रमित ने मारपीट, फोन छीने जाने और महिला पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति का भी आरोप लगाया।

वहीं, प्रदर्शनकारी धर्मेंद्र ने दावा किया कि पुलिस ने उनके साथ लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट की। उन्होंने अंकित कसाना नाम के पुलिसकर्मी पर धमकी देने का आरोप भी लगाया। धर्मेंद्र के मुताबिक, उनसे कहा गया कि उन्हें बचाने कोई नहीं आएगा।

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राहुल गांधी बोले- सबूत संभालकर रखें छात्र

प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी धर्म, जाति, महिला या पुरुष की अलग-अलग आवाज नहीं, बल्कि देश में विरोध की एक साझा आवाज है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को इस आवाज के सामने खड़े होने से बचना चाहिए।

राहुल गांधी ने पुलिसकर्मियों से भी अपील की कि वे छात्रों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर गंभीरता बरतें। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को वीडियो बनाने और सभी सबूत सुरक्षित रखने के लिए कहा।

राहुल गांधी ने कहा कि मामले के खत्म होने के बाद सबूतों का इस्तेमाल किया जाएगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से लेकर संबंधित पुलिसकर्मियों तक की जवाबदेही का जिक्र किया। इंडिया ब्लॉक अब तक SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन कर चुका है।

Location :  New Delhi

Published :  14 October 2026, 2:23 PM IST

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