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बिहार विधानसभा में गुरुवार को सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जहां एक ओर नीतीश कुमार ने विपक्ष की एकजुटता और पहनावे पर तंज कसा, वहीं राबड़ी देवी ने तेजस्वी यादव की जान को खतरा बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी यादव ने भी सरकार और चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पलटवार किया।
नीतीश-राबड़ी-तेजस्वी (फाइल फोटो)
Patna News: बिहार विधानसभा में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, हाय-हाय क्या कर रहे हो, तुम लोग तो खाय-खाय हो। नीतीश ने विपक्षी दलों की एकजुटता पर भी कटाक्ष किया और उनके कपड़ों तक को मुद्दा बना डाला। उन्होंने कहा कि अब सबका कपड़वा एक जैसा है। अलग-अलग पार्टी के लोग अब एक रंग में रंग गए हैं। मकसद सिर्फ सरकार को बदनाम करना है। नीतीश कुमार ने दावा किया कि उनकी सरकार ने राज्य के हर कोने में विकास किया है, लेकिन विपक्ष केवल “उल्टा-पुल्टा” बयानबाजी में लगा है।
राबड़ी देवी का सनसनीखेज आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने सदन में भावनात्मक भाषण देते हुए दावा किया कि तेजस्वी यादव को अब तक चार बार जान से मारने की कोशिश की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी ट्रेन में, कभी हेलिकॉप्टर से, और कभी रास्ते में उन्हें निशाना बनाने की कोशिश हुई। उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के अलावा और कौन साजिश करेगा? राबड़ी देवी ने सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए कहा कि तेजस्वी की जान को अब भी खतरा है और सरकार इस पर चुप है।
तेजस्वी यादव का पलटवार
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हम S.I.R (विशेष गहन पुनरीक्षण) के खिलाफ नहीं हैं, पर इसकी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। तेजस्वी ने बताया कि बिहार में बरसात का समय है, ऐसे में लोग मतदाता सूची फॉर्म कैसे भरेंगे? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राशन कार्ड और आधार कार्ड को क्यों नहीं जोड़ा जा रहा? तेजस्वी ने चुनाव आयोग से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की।
सम्राट चौधरी पर जातीय टिप्पणी का आरोप
तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बार-बार बांग्लादेशी, नेपाली, म्यांमारियों की बातें करना समाज को बांटने की कोशिश है। तेजस्वी ने सरकार पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि ये सब सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है।
नीतीश का ‘अनुभव’ वाला वार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव की राजनीतिक परिपक्वता पर भी टिप्पणी करते हुए कहा, जब तुम्हारी उम्र कम थी, तुम्हारे माता-पिता सीएम थे, तब क्या हालात थे बिहार के? उन्होंने कहा कि उन्होंने आरजेडी सरकार की नाकामी देखकर सत्ता छोड़ी थी। नीतीश ने अपनी सरकार के कार्यों की सूची गिनाते हुए कहा कि पहले महिलाएं सुरक्षित नहीं थीं, हमने व्यवस्था सुधारी। पटना में शाम को कोई बाहर नहीं निकलता था, अब हालात बदल गए हैं। महिलाओं और मुसलमानों के लिए जितना काम हमारी सरकार ने किया, उतना किसी ने नहीं किया।
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