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अब सीपीएम और जेएमएम ने INDIA ब्लॉक को दी चेतावनी (Img: Google)
New Delhi: विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA ब्लॉक की सोमवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जिस गठबंधन को भाजपा के खिलाफ एकजुट विपक्ष की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा था, उसके भीतर अब मतभेदों की आवाजें खुलकर सुनाई देने लगी हैं। डीएमके के बैठक से दूरी बनाने के फैसले के बाद अब सीपीएम और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की नाराजगी ने कांग्रेस के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPM के महासचिव एम.ए. बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। पत्र में केरल में कांग्रेस द्वारा वाम दलों के खिलाफ चलाए जा रहे राजनीतिक अभियान और राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को लेकर उठाए गए मुद्दों पर नाराजगी जताई गई है।
सीपीएम का मानना है कि एक तरफ INDIA गठबंधन भाजपा के खिलाफ संयुक्त लड़ाई की बात करता है, जबकि दूसरी ओर कुछ राज्यों में सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ आक्रामक राजनीति कर रहे हैं। पार्टी ने इस विरोधाभास पर स्पष्टता की मांग की है। हालांकि मतभेदों के बावजूद सीपीएम ने गठबंधन से दूरी नहीं बनाई है। पार्टी ने राज्यसभा सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास को बैठक में शामिल होने के लिए नामित किया है। इससे संकेत मिलता है कि सीपीएम फिलहाल संवाद और बातचीत के रास्ते को खुला रखना चाहती है।
INDIA ब्लॉक के लिए सबसे बड़ा झटका डीएमके के रुख को माना जा रहा है। पार्टी पहले ही बैठक का बहिष्कार करने का ऐलान कर चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों ने डीएमके और कांग्रेस के रिश्तों में खटास पैदा की है। डीएमके का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दक्षिण भारत में यह गठबंधन की प्रमुख ताकतों में से एक है। ऐसे समय में जब विपक्ष राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता का संदेश देना चाहता है, किसी बड़े सहयोगी दल का बैठक से दूर रहना कई सवाल खड़े कर रहा है।
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच भी तनातनी बढ़ती दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार चयन को लेकर किए गए फैसले से जेएमएम नेतृत्व नाराज है। बताया जा रहा है कि पार्टी ने अपनी नाराजगी शीर्ष स्तर तक पहुंचा दी है और जरूरत पड़ने पर अलग उम्मीदवार उतारने का विकल्प भी खुला रखा है।
लगातार सामने आ रहे मतभेदों ने विपक्षी एकता की मजबूती को लेकर बहस छेड़ दी है। गठबंधन के कई घटक दलों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का मुकाबला करने के लिए पहले आपसी विश्वास और तालमेल मजबूत करना जरूरी है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अलग-अलग राज्यों में सहयोगी दलों के बीच प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है, लेकिन यदि यही प्रतिस्पर्धा राष्ट्रीय मंच पर भी प्रभाव डालने लगे तो गठबंधन की रणनीति कमजोर पड़ सकती है।
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उधर INDIA ब्लॉक में जारी खींचतान पर भाजपा ने भी तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि विपक्षी गठबंधन के पास न स्पष्ट नेतृत्व है और न ही साझा दृष्टिकोण। उनके अनुसार गठबंधन के भीतर लगातार उभर रहे विवाद यह दिखाते हैं कि दलों के बीच विश्वास की कमी है। उन्होंने दावा किया कि यह गठबंधन केवल राजनीतिक मजबूरी का परिणाम है और इसके सहयोगी दल आपस में ही सहमत नहीं दिखाई दे रहे हैं।
बता दें कि 8 जून को नई दिल्ली में INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है, जिसमें करीब 17 विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई प्रमुख दल हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, गठबंधन की सहयोगी पार्टी डीएमके ने इस बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस और डीएमके के बीच हाल के राजनीतिक मतभेदों तथा तमिलनाडु से जुड़े घटनाक्रमों के चलते पार्टी ने बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
Location : New Delhi
Published : 7 June 2026, 1:11 PM IST
Topics : Congress CPM DMK India Bloc Meeting JMM