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आयुर्वेद में मीठा पूरी तरह हानिकारक नहीं माना गया है, लेकिन सही मात्रा और समय जरूरी है। रिफाइंड शुगर की जगह फल या प्राकृतिक मिठास बेहतर विकल्प हैं। खाने के बाद बार-बार मीठा खाने की इच्छा शरीर में असंतुलन का संकेत हो सकती है, जिसे सही आदतों से नियंत्रित किया जा सकता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Published : 16 April 2026, 9:29 AM IST