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आयुर्वेद कहता है कि भोजन की सही शुरुआत मीठे स्वाद से करनी चाहिए, फिर खट्टा और नमकीन, और अंत में कड़वा, तीखा व कसैला स्वाद लेना चाहिए। इससे पाचन रस बेहतर सक्रिय होते हैं और शरीर के दोष- वात, पित्त और कफ- संतुलित रहते हैं, जिससे पाचन प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Published : 16 April 2026, 9:29 AM IST