Indira Gandhi Death Anniversary: इंदिरा गांधी के वो 5 बड़े फैसले, जिन्होंने बदल दी भारत की राजनीति और इतिहास

इंदिरा गांधी की 42वीं पुण्यतिथि पर जानिए उनके पांच बड़े फैसले। बैंकों का राष्ट्रीयकरण, 1971 का युद्ध, पोखरण परमाणु परीक्षण, सिक्किम का विलय और आपातकाल ने भारत के इतिहास को कैसे प्रभावित किया?

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 31 October 2026, 10:57 AM IST
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1 / 7 \"Zoom\"भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज 31 अक्टूबर को 42वीं पुण्यतिथि है। 1984 में इसी दिन उनकी हत्या कर दी गई थी। इंदिरा गांधी को उनके सख्त फैसलों और मजबूत राजनीतिक नेतृत्व के लिए आयरन लेडी भी कहा जाता है। इंदिरा गांधी 1966 से 1977 और फिर 1980 से 1984 तक प्रधानमंत्री रहीं। उनके कार्यकाल में देश ने कई बड़े राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक बदलाव देखे।  (Img- Pinterest)
2 / 7 \"Zoom\"इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर दिल्ली स्थित शक्ति स्थल पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता यहां पहुंचे। सभी ने पूर्व प्रधानमंत्री को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने उनके राजनीतिक योगदान और देश के लिए किए गए कार्यों को याद किया। आइए ऐसे में जानते हैं इंदिरा गांधी के वो 5 बड़े फैसले जिनका असर आज भी भारतीय राजनीति और व्यवस्था में दिखाई देता है। (Img- X)
3 / 7 \"Zoom\"इंदिरा गांधी के सबसे चर्चित फैसलों में बैंकों का राष्ट्रीयकरण शामिल है। 19 जुलाई 1969 को उनकी सरकार ने अध्यादेश के जरिए 14 बड़े निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया। इस फैसले का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों और आम लोगों तक पहुंचाना था। सरकार चाहती थी कि बैंकिंग व्यवस्था का लाभ केवल बड़े उद्योगपतियों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे कारोबारियों और किसानों को भी कर्ज की सुविधा मिले। (Img- X)
4 / 7 \"Zoom\"इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध हुआ, जिसके बाद पूर्वी पाकिस्तान अलग होकर बांग्लादेश बना। पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में शरणार्थी भारत पहुंचे थे। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण किया। इस घटनाक्रम ने दक्षिण एशिया का राजनीतिक नक्शा बदल दिया और इंदिरा गांधी के नेतृत्व को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। (Img- X)
5 / 7 \"Zoom\"18 मई 1974 को भारत ने राजस्थान के पोखरण में अपना पहला परमाणु परीक्षण किया। इस परीक्षण को स्माइलिंग बुद्धा नाम दिया गया था। यह परीक्षण इंदिरा गांधी के नेतृत्व में किया गया और इसके साथ भारत उन देशों की सूची में शामिल हो गया, जिन्होंने परमाणु परीक्षण किया था। इस कदम को भारत की वैज्ञानिक और रणनीतिक क्षमता के प्रदर्शन के रूप में देखा गया। इससे वैश्विक स्तर पर भारत की परमाणु नीति चर्चा में आई। (Img- X)
6 / 7 \"Zoom\"इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ। जनमत संग्रह और संवैधानिक प्रक्रिया के बाद सिक्किम भारतीय संघ का 22वां राज्य बना। इस फैसले ने भारत की भौगोलिक और राजनीतिक स्थिति को प्रभावित किया। सिक्किम के भारत में शामिल होने को देश के एकीकरण की महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। हालांकि, इस घटनाक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति में भी चर्चा हुई थी। (Img- X)
7 / 7 \"Zoom\"25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया, जो 21 मार्च 1977 तक जारी रहा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद इंदिरा गांधी की राजनीतिक स्थिति पर संकट गहराया था। आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध लगे, विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया गया और प्रेस पर सेंसरशिप लागू हुई। इस फैसले की आज भी आलोचना होती है और इसे भारतीय लोकतंत्र के सबसे विवादित दौर में गिना जाता है। (Img- Pinterest)

Location :  New Delhi

Published :  31 October 2026, 10:57 AM IST

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