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उत्तर भारत में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत देश के कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। आईये जानते हैं क्या यह बेमौसम बारिश रबी फसलों के लिए गंभीर संकट बन सकती है?
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत देश के 19 राज्यों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं का यह दौर खासकर रबी फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है।
अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की पकी फसलें तेज हवाओं और बारिश के कारण जमीन पर गिर गई हैं। इससे न केवल उत्पादन घटने का खतरा है, बल्कि फसल के सड़ने और उसमें फफूंद लगने की आशंका भी बढ़ गई है। कई इलाकों में ओलावृष्टि ने नुकसान को और बढ़ा दिया है।
दिल्ली और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में मंगलवार को मौसम अचानक बदल गया। दोपहर बाद आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बिजली कड़कने और तेज हवाओं के कारण दिन में ही अंधेरा सा छा गया। दिल्ली का अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक रहा। वहीं, हवा में नमी का स्तर 36 से 96 प्रतिशत के बीच रहा।
पंजाब के कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने और फसल गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ऐसे हालात बने रहने की संभावना जताई है।
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बर्फबारी के चलते हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। बारामुला जिले के रफियाबाद इलाके में अचानक जलस्तर बढ़ने से एक स्कूल हॉस्टल में बाढ़ जैसे हालात बन गए, जहां 30 छात्र और 4 शिक्षक फंस गए। सेना की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, गुरेज घाटी में हिमस्खलन की घटना भी सामने आई, हालांकि किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों- जैसे केलंग, गोंदला और रोहतांग दर्रा में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने शिंकुला दर्रे को बहाल कर दिया है, जिससे लगभग तीन सप्ताह बाद जंस्कार घाटी का संपर्क मनाली से जुड़ पाया है। फिलहाल यह मार्ग केवल फोर-बाय-फोर वाहनों के लिए ही खुला है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है। किसानों को सतर्क रहने और फसल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है। यह मौसम बदलाव कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।