केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने खीरे की खेती के नाम पर ली 99 लाख की सब्सिडी, बोले-मैंने कुछ नहीं छिपाया

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने खीरे की खेती के लिए करीब 99 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने की खबरों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि पॉलीहाउस योजना के तहत उन्हें नियमों के मुताबिक लाभ मिला और उन्होंने कोई जानकारी नहीं छिपाई।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 27 June 2026, 3:57 PM IST
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New Delhi: खीरे की खेती के लिए करीब 99 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने की मीडिया रिपोर्टों के बाद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने कोई तथ्य नहीं छिपाया है और उन्हें सरकार की तय नियमावली के तहत ही सब्सिडी का लाभ मिला है। मंत्री ने कहा कि वह खुद किसान परिवार से आते हैं और बचपन से खेती-किसानी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पॉलीहाउस योजना के तहत देशभर में हजारों किसान सरकारी सहायता का लाभ लेते हैं और उन्होंने भी इसी योजना के तहत आवेदन किया था।

"मैं स्वयं किसान हूं, योजना के तहत लिया लाभ"

भागीरथ चौधरी ने कहा कि खेती उनके जीवन का हिस्सा रही है और वह खुद किसान हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार पॉलीहाउस जैसी योजनाएं चला रही है, जिनका उद्देश्य किसानों को नई तकनीक से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने वर्ष 2018 में इस योजना के लिए आवेदन किया था और पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई थी। मंत्री के मुताबिक, उनके फार्म पर एक सूचना बोर्ड भी लगाया गया है, जिसमें परियोजना से जुड़ी जानकारी, ऋण और सब्सिडी का विवरण दर्ज है।

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फार्म पर लगा बोर्ड बना चर्चा का कारण

मामला तब चर्चा में आया जब अजमेर जिले के पीह गांव स्थित भागीरथ चौधरी के कृषि फार्म से जुड़ी जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, उनके फार्म पर कृत्रिम तालाब और चार बड़े पॉलीहाउस बनाए गए हैं। खेत पर लगे एक सफेद साइनबोर्ड पर राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB), कृषि मंत्रालय, भारत सरकार की सहायता से परियोजना संचालित होने की जानकारी लिखी गई है। इसी बोर्ड पर लाभार्थी के रूप में भागीरथ चौधरी का नाम और 99,60,000 रुपये की सब्सिडी का उल्लेख भी किया गया है। इसके बाद यह मामला राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।

"जब सब सार्वजनिक है तो छिपाने का सवाल नहीं"

मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि उनके फार्म पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी कई बार निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनके यहां किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और प्राकृतिक खेती से जुड़ा प्रशिक्षण भी दिया जाता है। भागीरथ चौधरी ने कहा कि अगर पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है और सभी जानकारी सार्वजनिक है तो किसी भी तरह की गोपनीयता या तथ्य छिपाने का सवाल नहीं उठता।

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पॉलीहाउस से खेती को बढ़ावा देने की योजना

पॉलीहाउस तकनीक को खेती में आधुनिक तरीका माना जाता है। इसमें नियंत्रित वातावरण में फसल उत्पादन किया जाता है, जिससे मौसम का असर कम होता है और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। सरकार की ओर से किसानों को ऐसी तकनीकों को अपनाने के लिए अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जाती है। मंत्री ने कहा कि उनका फार्म भी इसी तरह की आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने का एक उदाहरण है।

Location :  New Delhi

Published :  27 June 2026, 3:56 PM IST

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