डिजिटल दुनिया में सबसे बड़ा खतरा: जीमेल, फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत 14.9 करोड़ अकाउंट का डाटा लीक

दुनिया भर में 14.9 करोड़ से ज्यादा अकाउंट्स का डाटा लीक होने का दावा सामने आया है। जीमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम और नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म के यूजर्स की लॉगइन जानकारी कथित तौर पर सार्वजनिक हो गई है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 25 January 2026, 3:22 AM IST
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New Delhi: डिजिटल दौर में जहां एक क्लिक पर दुनिया सिमट जाती है, वहीं अब वही इंटरनेट यूजर्स के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता नजर आ रहा है। दुनिया भर में करोड़ों लोगों की निजी जानकारी एक झटके में असुरक्षित हो गई है। जीमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम और नेटफ्लिक्स जैसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से जुड़े यूजर्स के लॉगइन डाटा के लीक होने की खबर ने साइबर सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। यह सिर्फ डाटा लीक नहीं, बल्कि डिजिटल भरोसे पर सीधा हमला माना जा रहा है।

14.9 करोड़ से ज्यादा अकाउंट का डाटा लीक

एक्सप्रेसवीपीएन की रिपोर्ट के अनुसार करीब 14.9 करोड़ से अधिक इंटरनेट अकाउंट्स के लॉगइन क्रेडेंशियल कथित तौर पर लीक हो गए हैं। इनमें यूजर्स के नाम और पासवर्ड शामिल हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस लीक में जीमेल, याहू, फेसबुक, इंस्टाग्राम, नेटफ्लिक्स और आउटलुक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म से जुड़े अकाउंट्स की जानकारी शामिल है, जिससे दुनिया भर के यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं।

किन कंपनियों का कितना डाटा

साइबर सुरक्षा शोधकर्ता जेरेमिया फाउलर द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि लीक हुए डाटा में जीमेल के करीब 4.8 करोड़ अकाउंट, याहू के 40 लाख, फेसबुक के 1.7 करोड़, इंस्टाग्राम के 65 लाख, नेटफ्लिक्स के 34 लाख और आउटलुक के 15 लाख अकाउंट्स की जानकारी शामिल है। इन आंकड़ों ने साइबर जगत में हड़कंप मचा दिया है.

पासवर्ड और यूजरनेम खुले में मिले

रिपोर्ट के मुताबिक यह डाटाबेस न तो पासवर्ड से सुरक्षित था और न ही एन्क्रिप्टेड। कुल 14.94 करोड़ विशिष्ट लॉगइन और पासवर्ड इसमें मौजूद थे, जिनका आकार करीब 96 जीबी बताया गया है। जांच के दौरान हजारों ऐसी फाइलें मिली, जिनमें ईमेल आईडी, यूजरनेम, पासवर्ड और संबंधित अकाउंट्स के लॉगइन यूआरएल लिंक साफ तौर पर मौजूद थे।

कोई भी कर सकता था दुरुपयोग

जेरेमिया फाउलर ने बताया कि यह डाटाबेस सार्वजनिक रूप से सुलभ था। यानी इसे खोजने वाला कोई भी व्यक्ति लाखों लोगों की निजी पहचान और अकाउंट्स तक पहुंच सकता था। रिपोर्ट में नामित कंपनियों को ईमेल के जरिए सवाल भेजे गए, लेकिन तत्काल कोई जवाब नहीं मिला।

बैंकिंग और सरकारी डाटा भी शामिल

सबसे गंभीर चिंता की बात यह है कि सीमित नमूनों की जांच में वित्तीय सेवाओं से जुड़े अकाउंट, क्रिप्टो वॉलेट, ट्रेडिंग अकाउंट, बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड लॉगइन भी पाए गए. इतना ही नहीं, लीक हुए डाटा में कई देशों के सरकारी डोमेन से जुड़े क्रेडेंशियल भी शामिल होने की आशंका जताई गई है, जो इस मामले को और भी संवेदनशील बना देता है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 25 January 2026, 3:22 AM IST

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