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दिल्ली हाईकोर्ट (सोर्स- Pinterest)
New Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने सत्य निकेतन इलाके में हुए बहुमंजिला हॉस्टल भवन ढहने की घटना को लेकर गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि सीधे तौर पर आपराधिक लापरवाही का मामला है।
अखंड सपनों के साथ राजधानी आए छात्रों की इस तरह से जान जाना बेहद दुखद है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि छोटे-छोटे कस्बों से युवा अपना भविष्य बनाने दिल्ली आते हैं, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना हरकतों ने उनके जीवन के साथ-साथ उनके परिवारों की उम्मीदों को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
यह दुर्घटना दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन क्षेत्र में हुई। इस बहुमंजिला इमारत का इस्तेमाल लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) हॉस्टल के रूप में किया जा रहा था।
गत छह सितंबर को इस भवन में मरम्मत का कार्य चल रहा था, और उसी दौरान अचानक पूरी इमारत ढह गई। इस भयानक हादसे में छात्रों समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली में छात्रों के लिए रहने की उचित सुविधाओं की कमी कोई नई बात नहीं है। पिछले दो-ढाई दशकों से लगातार छात्र उच्च शिक्षा के लिए राजधानी आ रहे हैं, ऐसे में इस तरह के हादसे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को जानकारी दी कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद प्रशासन और अधिकारियों ने कई सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत छात्रों के लिए सुरक्षित आवास, जमीन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का नक्शा तैयार कर उनकी पहचान की जा रही है।
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यह पूरी सुनवाई एक जनहित याचिका के तहत की जा रही है। इस याचिका में मांग की गई है कि-
इस पूरे हादसे की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
दिल्ली में चल रहे सभी पीजी और हॉस्टलों का निरीक्षण किया जाए।
हादसे के पीड़ितों और उनके परिवारों को उचित मुआवजा व पुनर्वास योजना का लाभ मिले।
इससे पहले सात सितंबर को भी हाईकोर्ट ने इस मामले में उच्चस्तरीय एमसीडी जांच के आदेश दिए थे। अदालत ने दो टूक कहा था कि सरकार और स्थानीय निकाय अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ सकते। यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि छात्रों की सुरक्षा और अवैध पीजी के नियमन में आ रही भारी कमियों को भी उजागर करता है। अब इस जनहित याचिका और इस मामले से जुड़ी अन्य लंबित याचिकाओं पर अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
Location : New Delhi
Published : 17 September 2026, 8:58 AM IST
Topics : Delhi University South Campus Delhi High Court MCD Investigation PG Hostel Tragedy Satya Niketan Building Collapse