हिंदी
केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए Union Budget 2026-27 को लेकर उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। देश के प्रमुख उद्योग संगठन Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry (FICCI) ने बजट को संतुलित, भरोसेमंद बताया है।
उद्योग जगत के लिये कैसा रहा आम बजट?
New Delhi: केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए Union Budget 2026-27 को लेकर उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। देश के प्रमुख उद्योग संगठन Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry (FICCI) ने बजट को संतुलित, भरोसेमंद बताया है।
फिक्की के अनुसार यह बजट विकास, समावेशिता और युवाओं की शक्ति यानी युवा-शक्ति पर स्पष्ट रूप से केंद्रित है।
फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट निरंतर सुधारों, मजबूत सार्वजनिक पूंजीगत व्यय और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विनिर्माण, MSME, कृषि और सेवा क्षेत्र पर विशेष ध्यान देकर आर्थिक स्थिरता और निरंतरता सुनिश्चित की है।
Union Budget 2026 पर PM Modi की बड़ी बातें, जानिए उन्होंने देश के भविष्य को लेकर क्या कहा?
फिक्की ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद यह बजट भारत की विकास गति को बनाए रखने की दिशा में अहम कदम है। बजट के प्रस्ताव यह दर्शाते हैं कि सरकार Viksit Bharat के दीर्घकालिक लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है और देश की अर्थव्यवस्था के मूल स्तंभों को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
उद्योग संगठन के मुताबिक बजट में Atmanirbharta को मजबूती देने के लिए सात रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों बायो-फार्मा, क्रिटिकल मिनरल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और कैपिटल गुड्स—में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने की घोषणा की गई है। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
बजट में MSME सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund, Self-Reliant India Fund के लिए बढ़ा हुआ आवंटन और TReDS के जरिए बेहतर लिक्विडिटी सपोर्ट की घोषणा को फिक्की ने अहम बताया। इससे माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को वित्तीय मजबूती मिलेगी।
बजट 2026-27 में ₹12.2 लाख करोड़ का सार्वजनिक पूंजीगत व्यय तय किया गया है। फिक्की के अनुसार इससे निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, इनलैंड वाटरवेज, शिप-रिपेयर और कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम को मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम बताया गया।
स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, स्किलिंग और ट्रेनिंग जैसे सेवा क्षेत्रों में विशेष निवेश को रोजगार और समावेशी विकास के लिए अहम माना गया है। वहीं, कृषि क्षेत्र में उच्च मूल्य वाली फसलों—नारियल, काजू, कोको, अखरोट और बादाम के लिए लक्षित कार्यक्रमों से किसानों की आय बढ़ाने और निर्यात को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई गई है।
बजट 2026: सेमीकंडक्टर सेक्टर को बड़ा बूस्ट, टेक मैन्युफैक्चरिंग पर लगाया दांव
फिक्की ने टैक्स सरलीकरण, डीक्रिमिनलाइजेशन, टैरिफ रेशनलाइजेशन और ट्रेड फसिलिटेशन जैसे कदमों का स्वागत किया है। संगठन का मानना है कि ये सुधार भारत को वैश्विक निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनाएंगे।