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पंजाब में भीषण बाढ़ संकट
Punjab: बाढ़ से सबसे ज्यादा असर अमृतसर जिले में देखा गया है, जहां लगभग 35,000 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद फिरोजपुर में 24,015, फाजिल्का में 21,562, पठानकोट में 15,053, गुरदासपुर में 14,500, होशियारपुर में 1,152, एसएएस नगर में 7,000, कपूरथला में 5,650, मोगा में 800, जालंधर में 653, मानसा में 163 और बरनाला में 59 लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं। पंजाब सरकार के अनुसार, पठानकोट में 6 मौतें हुई हैं जो सबसे ज्यादा हैं, जबकि अमृतसर, बरनाला, होशियारपुर, लुधियाना, मानसा और रूपनगर में 3-3 मौतें दर्ज की गई हैं। बठिंडा, गुरदासपुर, पटियाला, मोहाली और संगरूर में एक-एक मौत हुई है। पठानकोट में तीन लोग अभी भी लापता हैं।
राज्य में अब तक 15,688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। गुरदासपुर में सबसे ज्यादा 5,549 लोगों को बचाया गया है, जबकि फिरोजपुर में 3,321, फाजिल्का में 2,049, अमृतसर में 1,700 और पठानकोट में 1,139 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकाला गया है।
पंजाब में भीषण बाढ़ संकट
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे पंजाब के अधिकांश हिस्सों में बाढ़ आई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त महीने में पंजाब में 253.7 मिमी बारिश हुई है, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक और सामान्य से 74% अधिक है।
पंजाब के कुल 12 जिलों में लगभग 1300 गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं। इनमें गुरदासपुर में 321, अमृतसर में 88, बरनाला में 24, फाजिल्का में 72, फिरोजपुर में 76, होशियारपुर में 94, जालंधर में 55, कपूरथला में 115, मानसा में 77, मोगा में 39 और पठानकोट में 82 गांव शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 2.56 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
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फिरोजपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने 400 मेडिकल कैंप लगाए हैं, जहां अब तक 8,700 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया है। मोबाइल मेडिकल टीमें गांव-गांव जाकर दवाइयां और ORS उपलब्ध करा रही हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों की विशेष देखभाल पर भी जोर दिया जा रहा है।
भारी बारिश और बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ में मंगलवार को सभी स्कूल बंद कर दिए गए। पंजाब सरकार ने राज्य भर के कॉलेज, यूनिवर्सिटी और पॉलीटेक्निक संस्थानों को 3 सितंबर तक बंद रखने का आदेश दिया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर पाटियाला की राव नदी पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया 2 से 4 सितंबर तक बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे। वे फिरोजपुर, तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर और श्री आनंदपुर साहिब के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करेंगे। यह दौरा प्रभावितों को राहत देने और स्थिति का जायजा लेने के लिए किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ संकट को हाल के इतिहास की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके। सीएम मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 60,000 करोड़ रुपये की सहायता की मांग की है। उन्होंने खुद भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने का निर्णय लिया है।
होशियारपुर जिले के गढ़शंकर और होशियारपुर सब-डिवीजन सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई गांवों में पानी घरों तक पहुंच गया है। अधिकारियों ने बताया कि कुकरां बंध टूटने से 100 से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और 5,971 हेक्टेयर खेत डूब चुके हैं। जिले में 10 राहत कैंप चल रहे हैं, जिनमें 1,041 लोग रह रहे हैं। गुरुद्वारों की मदद से प्रभावित परिवारों को पका हुआ खाना उपलब्ध कराया जा रहा है।
पंजाब में लगभग 96,061 हेक्टेयर खेती बाढ़ की चपेट में आई है। पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, नुकसान का सही आंकड़ा तब मिलेगा जब जलस्तर कम होगा। बुनियादी ढांचे को भी बाढ़ से क्षति हुई है, जिसका आकलन जलस्तर घटने के बाद किया जाएगा।
राज्य में NDRF, SDRF, आर्मी और पंजाब पुलिस राहत कार्यों में लगे हुए हैं। NDRF की 20 टीमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, फाजिल्का और बठिंडा में तैनात हैं। अब तक लगभग 14,936 लोगों को सेना, BSF और प्रशासन ने सुरक्षित निकाला है।
Location : Punjab
Published : 2 September 2025, 11:03 AM IST
Topics : Amritsar Fazilka Ferozepur Punjab Floods
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