हिंदी
चुनाव आयोग ने रविवार को पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर चुनाव को ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग के एलान के बाद केंद्र शासित प्रदेश में सियासी पारा बढ़ गया है। पिछले चुनाव में 81% से अधिक के रिकॉर्ड मतदान ने सबको चौंकाया था। पढ़ें पूरी खबर
पुडुचेरी में बजा चुनावी बिगुल
New Delhi : चुनाव आयोग ने रविवार को पुडुचेरी में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनाव की तारीख के ऐलान के बाद देश में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। चुनाव आयोग ने रविवार को अहम घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में कराए जाएंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और प्रदेश में चुनावी माहौल बनना शुरू हो गया है।
पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग द्वारा समय रहते चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। अब राजनीतिक दल जनता को साधने के लिए प्रचार अभियान को और तेज करने की रणनीति बना रहे हैं।
अगर पिछले विधानसभा चुनाव यानी 2021 के परिणामों पर नजर डालें तो उस समय भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था।
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीखों का ऐलान, 2 चरणों में होंगे चुनाव
उस चुनाव में एनडीए गठबंधन को कुल 16 सीटों पर जीत मिली थी। इनमें 6 सीटें भाजपा और 10 सीटें ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के खाते में गई थीं। वहीं कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और वह 14 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद केवल 2 सीटें ही जीत सकी थी।
पुडुचेरी में पिछली बार विधानसभा चुनाव 6 अप्रैल 2021 को एक ही चरण में कराए गए थे। उस चुनाव में मतदाताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार उस समय 81.70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। प्रदेश के कुल 10,04,197 पंजीकृत मतदाताओं में से करीब 8,20,446 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुडुचेरी के विकास को लेकर अपने विजन को दोहराते हुए “BEST Puducherry” की अवधारणा का जिक्र किया था। इस विजन का मतलब है Business, Education, Spirituality और Tourism को बढ़ावा देना।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि पिछले साढ़े चार वर्षों में इस दिशा में किए गए प्रयास अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं और प्रदेश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।
Kerala Assembly Election: केरल में चुनाव की तारीखों का ऐलान, जानिए कब और कितने चरण में होंगे चुनाव
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हाल ही में एक चुनावी सभा में कहा था कि पुडुचेरी की जनता का विश्वास एनडीए, भाजपा, मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि 2021 के चुनाव में एनडीए को करीब 44 प्रतिशत वोट शेयर मिला था, जो जनता के भरोसे को दर्शाता है। शाह ने भरोसा जताया कि आगामी चुनाव में एनडीए 24 से अधिक सीटें जीतकर फिर से स्थिर और विकासोन्मुख सरकार बनाएगा।
इस बार के चुनाव में कांग्रेस, डीएमके और सीपीआई गठबंधन बनाकर मैदान में उतर रहे हैं। वहीं सत्तारूढ़ पक्ष में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस, बीजेपी और एआईएडीएमके की मौजूदगी से मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।
अब 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के साथ यह साफ हो जाएगा कि पुडुचेरी की जनता किसे सत्ता की कमान सौंपती है और क्या एनडीए एक बार फिर सरकार बनाने में सफल होगा या विपक्ष कोई बड़ा उलटफेर करेगा।