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सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर टिकी नजरें (Img: Pinterest)
New Delhi: स्टेट बार काउंसिल में महिलाओं के लिए 30% प्रतिनिधित्व के प्रावधान के बाद अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान महिला वकीलों की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर याचिकाकर्ता की ओर से दलीलें पेश की गईं।
याचिकाकर्ता की वकील शोभा गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि देश की सर्वोच्च कानूनी नियामक संस्था, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) में भी महिलाओं के लिए कम से कम 30% प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया जाए जैसा कि स्टेट बार काउंसिल में सुनिश्चित किया गया है।
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सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कानूनी संस्थाओं में महिलाओं की कम भागीदारी पर टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक विविधता और संतुलन लाने के लिए बार काउंसिल में महिलाओं की उपस्थिति बढ़ाना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, स्टेट बार काउंसिल में 30% महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए चुनाव और नामांकन दोनों को शामिल करने वाली एक व्यवस्था बनाई गई है। इस व्यवस्था के तहत 20% सीटें सीधे चुनाव से और 10% सीटें नामांकन के जरिए भरी जाएंगी।
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कोर्ट ने कहा कि महिला प्रतिनिधित्व का उद्देश्य केवल आरक्षण देना नहीं है, बल्कि कानूनी संस्थानों में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है। अब सुनवाई इस मांग पर केंद्रित है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के ढांचे में भी इस व्यवस्था को लागू किया जाए।
Location : New Delhi
Published : 22 September 2026, 12:06 PM IST