सुप्रीम कोर्ट से आजम खान को झटका, ED के खिलाफ याचिका इलाहाबाद HC वापस भेजी

आजम खां की ईडी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दी है। 16 नवंबर को डिवीजन बेंच सुनवाई करेगी। कपिल सिब्बल ने 87 एफआईआर और राजनीतिक प्रताड़ना का मुद्दा उठाया। जानिए सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने क्या कहा।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 5 November 2026, 12:49 PM IST
google-preferred

New Delhi:  नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खां की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। जमानत मिलने के तुरंत बाद ईडी की गिरफ्तारी का सामना कर रहे आजम खां को अब अपनी कानूनी लड़ाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में लड़नी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दी है। अदालत ने 16 नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच को मामले की सुनवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही हाईकोर्ट से कहा है कि वह आजम खां की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत पर भी विचार करे।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच करे सुनवाई

आजम खां की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने का फैसला किया। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि 16 नवंबर को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई करे। इसके साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आजम खां की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत के अनुरोध पर भी हाईकोर्ट विचार करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित रिकॉर्ड दो दिनों के भीतर इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। इसके अलावा दोनों पक्षों को अपनी अतिरिक्त दलीलें दाखिल करने की अनुमति भी दी गई है।

आजम खां की मुश्किलें फिर बढ़ीं! अब शत्रु संपत्ति मामले में भी लटकी जांच की तलवार

कपिल सिब्बल ने उठाया 87 एफआईआर का मुद्दा

सुप्रीम कोर्ट में आजम खां की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए। सुनवाई के दौरान उन्होंने आजम खां के खिलाफ दर्ज मामलों और लगातार हो रही कानूनी कार्रवाई पर सवाल उठाए। सिब्बल ने अदालत को बताया कि आजम खां के खिलाफ पहले से 87 एफआईआर दर्ज हैं। उन्होंने दलील दी कि इतने मामलों का सामना करने के बाद जब आजम खां को जमानत मिली, तो उसके तुरंत बाद उन्हें एक नए मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।

आपकी दलील में कुछ दम हो सकता है

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कपिल सिब्बल की दलीलों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "आपकी दलील में कुछ दम हो सकता है, लेकिन हम कोई राय व्यक्त नहीं करना चाहते।" मुख्य न्यायाधीश की इस टिप्पणी के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल मामले के गुण-दोष पर कोई राय नहीं दे रही है। इसका मतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने आजम खां की गिरफ्तारी को सही या गलत ठहराने पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है।

आजम खां को कोर्ट से झटका, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए; ईडी ने रिहाई के तुरंत बाद किया था गिरफ्तार

अंतरिम राहत की मांग पर भी हाईकोर्ट करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट ने केवल गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका ही हाईकोर्ट नहीं भेजी, बल्कि आजम खां की अंतरिम राहत की मांग पर विचार करने का निर्देश भी दिया है। इसका मतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट 16 नवंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान इस पहलू पर भी विचार कर सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों को अतिरिक्त दलीलें दाखिल करने की छूट दी है। साथ ही सभी कानूनी पहलुओं को खुला रखा है।

 

Location :  New Delhi

Published :  5 November 2026, 12:46 PM IST

Advertisement