Delhi-NCR में गंभीर हुई हवा; सीमाओं पर 250 कर्मी तैनात, जानिए किन वाहनों पर लगी रोक

दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सरकार ने दूसरे राज्यों के BS-IV और उससे पुराने वाणिज्यिक वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक लागू इस प्रतिबंध से CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट है। वहीं, दिल्ली के बॉर्डर पर 250 प्रवर्तन कर्मियों की तैनाती की गई है और प्रदूषण गंभीर होने पर GRAP-3 के उपाय लागू किए गए हैं।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 7 November 2026, 8:21 PM IST
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New Delhi: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए, सरकार ने अपने उपायों को और सख्त कर दिया है। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए, दूसरे राज्यों से आने वाले कमर्शियल वाहनों खासकर वे जो BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों (emission standards) के अंतर्गत आते हैं, उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध हर साल 1 नवंबर से 31 जनवरी तक लागू रहेगा। इसके अलावा, इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली के प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स और टोल प्लाजा पर लगभग 250 प्रवर्तन कर्मियों (enforcement personnel) को तैनात किया गया है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' (severe) श्रेणी में पहुंच गई है, जिसके चलते 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) ने 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP-3) के तीसरे चरण के तहत आपातकालीन उपाय लागू कर दिए हैं।

दूसरे राज्यों से आने वाले कुछ वाहनों के प्रवेश पर रोक

दिल्ली सरकार के 'विंटर एक्शन प्लान' के तहत, दूसरे राज्यों से आने वाले ऐसे कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है जो BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों के दायरे में आते हैं। इसमें मध्यम और भारी मालवाहक वाहन, और 'ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट' के तहत चलने वाली बसें शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य सर्दियों के मौसम में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह छूट दी गई है; इन ईंधनों से चलने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति रहेगी।

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दिल्ली की सीमाओं पर 250 प्रवर्तन कर्मियों की तैनाती

इस प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए, दिल्ली में प्रवेश करने वाले मुख्य रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। DND, सिंघु, टिकरी, गाजीपुर और बदरपुर सहित प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स और टोल प्लाजा पर लगभग 250 प्रवर्तन कर्मियों को तैनात किया गया है। ये टीमें शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच करेंगी और प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी।

प्रदूषण के स्तर को लेकर चिंता

पराली जलाने, दिवाली के बाद प्रदूषण में उछाल और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन जैसे कारणों से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। कई इलाकों में 'एयर क्वालिटी इंडेक्स' (AQI) 400 के पार पहुंच गया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए, CAQM ने GRAP-3 के तहत आपातकालीन उपाय लागू कर दिए हैं। इसका उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना और खराब हवा की गुणवत्ता के प्रभावों से लोगों को बचाना है।

दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' से लेकर 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया। सबसे अधिक AQI, 433, पंजाबी बाग में दर्ज किया गया। वहीं, जहांगीरपुरी और मुंडका में AQI 421, रोहिणी में 418, विवेक विहार में 425 और बवाना में 410 दर्ज किया गया।

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अन्य इलाकों में AQI इस प्रकार रहा:

  1. अलीपुर: 402
  2. आनंद विहार: 274
  3. अशोक विहार: 318
  4. आया नगर: 382
  5. बदरपुर: 315
  6. चांदनी चौक: 394
  7. DTU: 409
  8. द्वारका सेक्टर-8: 410
  9. IGI एयरपोर्ट टर्मिनल-3: 339
  10. ITO: 402
  11. लोधी रोड: 251
  12. ओखला फेज-2: 400
  13. पटपड़गंज: 401
  14. नरेला: 409
  15. नॉर्थ कैंपस: 409

नोएडा के सेक्टर-62 में AQI 414

दिल्ली के साथ-साथ नोएडा में भी प्रदूषण का असर देखने को मिला। सुबह 8:00 बजे के CPCB आंकड़ों के अनुसार, नोएडा के सेक्टर-62 में AQI 414 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। वहीं, सेक्टर-116 में AQI 285, सेक्टर-125 में 279, सेक्टर-110 में 257, सेक्टर-150 में 232, सेक्टर-1 में 248 और सेक्टर-39 में 267 दर्ज किया गया। प्रदूषण से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए गए

दिल्ली में वाहनों के प्रवेश पर पाबंदियां लगाने, सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने और GRAP-3 के नियमों को लागू करने के साथ ही प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। अब यह देखना बाकी है कि इन कदमों से दिल्ली-NCR क्षेत्र में खराब होती हवा की गुणवत्ता में कितना सुधार आता है। फिलहाल, हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' (severe) श्रेणी में होने के कारण, लोगों के लिए सतर्क रहना और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाना बहुत जरूरी है।

Location :  New Delhi

Published :  7 November 2026, 8:20 PM IST

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