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News Delhi: बहुचर्चित नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राऊज एवेन्यू कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले की सुनवाई पेपर लीक मामलों के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक अदालत में बुधवार को होगी। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी का कहना है कि यह देश की सबसे बड़ी परीक्षा धांधलियों में से एक है और जांच अभी जारी है।
चार्जशीट के मुताबिक, मुख्य आरोपी मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे को नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र दिलाने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। शुभम ने यश यादव से प्रश्नपत्र हासिल किया, जिसने इसे 10 लाख रुपये में मांगीलाल को बेचा। इसके बाद मांगीलाल ने यही प्रश्नपत्र अपने बेटे विकास बिवाल और दिनेश बिवाल समेत अन्य अभ्यर्थियों को 12-12 लाख रुपये में बेचकर भारी मुनाफा कमाया।
जांच के दौरान सीबीआई ने मांगीलाल बिवाल का मोबाइल फोन जब्त किया। मोबाइल की जांच में लीक हुआ प्रश्नपत्र बरामद हुआ, जिसे एजेंसी इस मामले का अहम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मान रही है। सीबीआई का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
सीबीआई ने अदालत को बताया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कुछ अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। जांच की आंच एनटीए तक पहुंचने के बाद हाल ही में 47 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। गौरतलब है कि इस मामले में पहली एफआईआर 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर दर्ज हुई थी।
सीबीआई ने जिन 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले पर सभी की नजर फास्ट ट्रैक कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है।
Location : New Delhi
Published : 29 July 2026, 9:26 AM IST
Topics : CBI Education Scam NEET Paper Leak