कुछ विश्वविद्यालय केवल संस्थान होते हैं, लेकिन कुछ राष्ट्र के चरित्र का प्रतीक बन जाते हैं: डॉ. पी.के. मिश्रा

बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में 14 देशों के 219 सफल स्नातकों को डिग्रियां प्रदान की गईं। पूरी खबर डाइनामाइट न्यूज़ पर।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 20 May 2026, 11:39 AM IST
google-preferred

Nalanda: प्राचीन नालंदा महाविहार दुनिया के सबसे महान शिक्षा केंद्रों में से एक रहा है। यह कहना है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा का। ये बातें उन्होंने बिहार के राजगीर में आयोजित नालंदा विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहीं।

समारोह में सत्र 2024–26 बैच के कुल 219 सफल स्नातकों को डिग्रियां प्रदान की गईं। दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्र विश्व के 14 विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें मुख्य रूप से वियतनाम, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार सहित कई विदेशी देशों के छात्र शामिल हैं।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, डॉ. पी.के. मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि प्राचीन नालंदा महाविहार दुनिया के सबसे महान शिक्षा केंद्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि कुछ विश्वविद्यालय केवल संस्थान होते हैं, जबकि कुछ ऐसे विश्वविद्यालय होते हैं जो राष्ट्रों के चरित्र का प्रतीक बन जाते हैं। नालंदा विश्वविद्यालय भी सभ्यता का प्रतीक है। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

सफल स्नातकों को डिग्रियां प्रदान करते हुए पीएम के प्रधान सचिव

उन्होंने कहा कि तकनीक हमें किसी प्रश्न का उत्तर तत्काल प्रदान कर सकती है, लेकिन वह नैतिक कर्तव्यनिष्ठा और उत्पादक आचरण नहीं सिखा सकती। न ही वह मानवीय पीड़ा, गरिमा और आकांक्षाओं को पूरी तरह समझ सकती है। उन्होंने आगे कहा कि सभ्यताओं का पतन तब होता है, जब वे केवल जानकारी एकत्र करने तक सीमित रह जाती हैं और चिंतन व स्वतंत्र विचार करने की क्षमता खो देती हैं।

उन्होंने दीक्षांत समारोह के दौरान आठ उत्कृष्ट छात्रों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “मानवता के सामने वास्तविक प्रश्न यह है कि क्या ज्ञान, बुद्धिमत्ता, नैतिकता, करुणा और मानवीय जिम्मेदारी से जुड़ा रहेगा।”

समारोह के बाद छात्रों के साथ ग्रुप फोटो

समारोह में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) तथा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने समारोह के दौरान सभी विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया।

दीक्षांत समारोह के बाद नालंदा विश्वविद्यालय में “कौटिल्य ग्लोबल सेंटर फॉर स्टेट कैपेसिटी” का उद्घाटन भी किया गया।

विश्व बैंक के सहयोग से स्थापित यह केंद्र राज्य क्षमता और सार्वजनिक नेतृत्व के क्षेत्र में वैश्विक दृष्टिकोण, नैतिक मूल्यों और भविष्य उन्मुख नीतियों को प्रोत्साहित करने का कार्य करेगा।

Location :  Nalanda

Published :  20 May 2026, 11:05 AM IST

Advertisement