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14 किलो वाले LPG सिलेंडर को लेकर सरकार की लागत, सब्सिडी और नुकसान का गणित एक बार फिर चर्चा में है। इस मुद्दे से जुड़ी पूरी तस्वीर आम लोगों के लिए काफी अहम है। अगर आप गैस की बढ़ती कीमतों और उसके पीछे की असली वजह समझना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके काम की है।
LPG सिलेंडर प्राइज ( Img: Google)
New Delhi: पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में एक LPG सिलेंडर ₹913 में मिल रहा है, लेकिन इसकी असली कीमत इससे कहीं ज़्यादा है। एक्सचेंज पर जारी एक बयान में मिनिस्ट्री ने सिलेंडर की असली कीमत और मार्केट प्राइस को साफ किया।
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी आई है। इसका असर दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों पर पड़ रहा है। पिछले महीने सरकार ने 14.2 kg वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ा दी थी। युद्ध शुरू होने के बाद से कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी हो चुकी है। सरकार ने 1 अप्रैल को घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया। सरकार ने बताया कि तेल कंपनियों को हर सिलेंडर पर ₹380 का नुकसान हो रहा है।
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साथ ही सरकारी बयान में यह भी कहा गया है कि भारत में कीमतें पड़ोसी देशों पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश की तुलना में बहुत कम हैं। बुधवार सुबह (1 अप्रैल) तेल कंपनियों ने 19 kg वाले सिलेंडर की कीमत ₹200 बढ़ा दी, जिससे कीमत 2,000 के पार हो गई।
बता दें कि अपने X हैंडल पर शेयर किए गए एक बयान में पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि घरेलू बाज़ार में बिकने वाले हर 14.2 kg सिलेंडर पर ₹380 का नुकसान हो रहा है। अगर मई 2026 तक हालात ऐसे ही रहे, तो तेल कंपनियों (OMCs) का नुकसान बढ़कर ₹40,484 करोड़ हो जाएगा।
फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने से पहले, कच्चे तेल के भारतीय बास्केट की औसत कीमत लगभग $69.01 प्रति बैरल थी। 1 अप्रैल, 2026 के लेटेस्ट डेटा के अनुसार, यह बढ़कर $121.15 प्रति बैरल हो गई है। यह कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 75% की बढ़ोतरी दिखाता है। भारतीय रुपया भी ₹95 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है, जिससे तेल का इंपोर्ट और भी महंगा हो गया है।