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लोकसभा में बोलते हुए सपा सांसद धर्मेंद्र यादव (Image Source: Internet)
New Delhi: लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने छोटे राज्यों के गठन को लेकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि नेताजी हमेशा छोटे राज्यों के खिलाफ रहे, क्योंकि छोटे राज्य अक्सर केंद्र सरकार पर निर्भर हो जाते हैं और उन्हें संसाधनों के लिए केंद्र के सामने कटोरा लेकर खड़ा होना पड़ता है।
धर्मेंद्र यादव ने यह भी कहा कि राज्य जितना बड़ा होता है, उसके पास उतने ही अधिक संसाधन और मैनपावर होते हैं। इससे वह राज्य आत्मनिर्भर बनता है और केंद्र पर उसकी निर्भरता कम हो जाती है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे छोटे राज्यों की सोच और मांग से दूर रहें।
सपा सांसद ने छोटे राज्यों के गठन के पीछे की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब नए राज्य बनाए जाते हैं, तो शुरुआत में केंद्र सरकार उन्हें कई सुविधाओं का प्रलोभन देती है। लेकिन करीब 10 साल बाद वही सुविधाएं खत्म हो जाती हैं, जिससे राज्य का विकास प्रभावित होता है।
लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव बोले- जो हमारे बिहार के मुख्यमंत्री जी के साथ हुआ है, उससे सभी को सावधान रहना है। उधर जो कोई भी गया है, उसका बुरा हाल हुआ है। इसलिये साइकिल वालो समय रहते इधर आ जाओ।@MPDharmendraYdv @samajwadiparty @mediacellsp @dimpleyadav @yadavakhilesh… pic.twitter.com/Z2HGpdafpr
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) April 1, 2026
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सपा सांसद के अनुसार, यह स्थिति छोटे राज्यों के लिए लंबे समय में नुकसानदायक साबित होती है। उन्होंने इस मुद्दे को देश के विकास और प्रशासनिक स्थिरता से जोड़ते हुए बड़े राज्यों को ज्यादा प्रभावी बताया।
इसी बीच आज संसद में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को लेकर भी जोरदार सियासी घमासान देखने को मिला। सपा सांसद डिंपल यादव ने इस बिल की कड़ी आलोचना करते हुए इसे नागरिक स्वतंत्रताओं पर नियंत्रण बढ़ाने वाला कदम बताया।
उन्होंने सवाल उठाया था कि जब सरकार हर चीज नियंत्रण में होने का दावा करती है, तो आम जनता पर महंगाई का बोझ क्यों बढ़ रहा है। विपक्ष ने इस बिल को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए संसद के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया था।
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कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस विधेयक को असंवैधानिक करार दिया और आरोप लगाया कि इससे सरकार को सामाजिक संस्थाओं पर अत्यधिक नियंत्रण मिल जाएगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह कानून विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता लाने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
Location : New Delhi
Published : 1 April 2026, 3:28 PM IST