Iran Isreal War: Oil-Gas पर गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में तीन मंत्रीयों की कमेटी गठित, जानें कौन-कौन है सदस्य

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और देश में गैस व पेट्रोल की संभावित किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस तीन सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 12 March 2026, 2:24 PM IST
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New Delhi: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और देश में गैस व पेट्रोल की संभावित किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस तीन सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, कमेटी में विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी देश में तेल और गैस की आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाने के सुझाव देगी।

बताया जा रहा है कि मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले से तैयार रहने के लिए यह कदम उठाया है।

ईरान संकट के बीच सरकार लगातार एक्शन में है। सरकार ने इसको लेकर एक समिति का गठन किया है। सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि गृह मंत्री अमित शाह समिति की अध्यक्षता करेंगे। पैनल के अन्य सदस्यों में विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। खबरों के मुताबिक, मंत्रियों ने ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध पर चर्चा करने के लिए कई दौर की बैठकें की हैं। तीनों मंत्रालयों से उम्मीद की जाती है कि वे भारत के सामने आने वाली चुनौतियों को कम करने के लिए अन्य संबंधित मंत्रालयों, विभागों और राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी लोकसभा में पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर भारत की समग्र ऊर्जा स्थिति पर बयान देंगे, जिसने जहाजरानी लाइनों को बुरी तरह प्रभावित किया है। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सदन में उपस्थित रहेंगे और इस विषय पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप कर सकते हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद, जिसने वैश्विक ऊर्जा मार्गों को प्रभावित किया है, विविध खरीद के माध्यम से भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित बनी हुई है।

कमेटी का मुख्य उद्देश्य देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना, संभावित संकट की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करना और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े फैसलों पर त्वरित समन्वय सुनिश्चित करना होगा।

सूत्रों के मुताबिक, यह कमेटी हालात की लगातार समीक्षा करेगी और आवश्यक होने पर सरकार को तुरंत सिफारिशें भी देगी, ताकि देश में ईंधन आपूर्ति पर किसी तरह का बड़ा असर न पड़े।

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  • New Delhi

Published : 
  • 12 March 2026, 2:24 PM IST

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