परीक्षा से एक दिन पहले आया admit card, सेंटर निकला अबू धाबी…

पेपर लीक के बाद नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहे नागपुर के एक छात्र का परीक्षा केंद्र एडमिट कार्ड में सीधे 'अबू धाबी' आवंटित कर दिया गया। बिना पासपोर्ट और पैसों के परीक्षा से वंचित होने के कारण छात्र सदमे में है। इस गंभीर लापरवाही पर राहुल गांधी ने एनटीए को आड़े हाथों लिया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 June 2026, 12:25 PM IST
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Nagpur: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) को लेकर मचा बवाल अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां छात्रों का गुस्सा आंसुओं और हताशा में बदल चुका है। पेपर लीक और धांधली के बाद वैसे ही देश भर के लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा सिस्टम से उठ चुका था। जैसे-तैसे छात्र खुद को संभालकर री-एग्जाम (पुनः परीक्षा) की तैयारी में जुटे थे कि तभी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक ऐसा 'इंटरनेशनल ब्लंडर' कर दिया, जिसने परीक्षा होने से पहले ही एक होनहार छात्र के डॉक्टर बनने के सपनों को हमेशा के लिए दफन कर दिया। नागपुर के एक मध्यमवर्गीय परिवार के छात्र का परीक्षा केंद्र भारत में नहीं, बल्कि सीधे सात समंदर पार संयुक्त अरब अमीरात के 'अबू धाबी' में अलॉट कर दिया गया।

एक एडमिट कार्ड और बिखर गए सारे अरमान

यह पीड़ित छात्र पिछले एक महीने से दिन-रात एक करके, मानसिक तनाव से लड़ते हुए नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था। उसके मन में उम्मीद थी कि लीक के कारण जो मौका हाथ से छूटा, वह इस बार अपनी मेहनत से उसे पा लेगा। लेकिन परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जैसे ही उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, उसके सारे सपने ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। स्क्रीन पर परीक्षा केंद्र का पता 'अबू धाबी' चमक रहा था। न तो छात्र के पास पासपोर्ट था, न ही उसके परिवार के पास महज 24 घंटे के भीतर विदेश भेजने के लाखों रुपये थे और न ही अब कोई वक्त बचा था। वह मासूम छात्र रातभर रोता रहा और आखिरकार उसने इस मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर परीक्षा देने से ही मना कर दिया।

राहुल गांधी का तीखा हमला

इस दिल दहला देने वाले मामले पर देश की सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पीड़ित छात्र के दर्द को साझा करते हुए सीधे व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने लिखा, "क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है? जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर में एक सेंटर नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है—उसे परीक्षा करवाने का कोई हक नहीं।" उन्होंने आगे कहा कि यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की क्रूर वसूली बन चुकी है।

सपनों के साथ जुआ खेलना बंद करे सिस्टम

पेपर लीक के गहरे जख्मों को झेल रहे छात्रों के लिए एडमिट कार्ड की यह तकनीकी चूक 'फांसी के फंदे' जैसी साबित हुई है। परीक्षा देने से पहले ही छात्र की हिम्मत टूट चुकी है। राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद होना चाहिए। देश के बच्चे एक संवेदनशील, जिम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था के हकदार हैं। इस घटना ने साबित कर दिया है कि सिस्टम की कमियां किस कदर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और उनके करियर को लील रही हैं।

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पिनकोड एरर और तकनीकी खामी की आशंका

इस तरह की बड़ी लापरवाही तब होती है जब डेटाबेस मैपिंग के दौरान किसी छात्र के स्थानीय पिनकोड या रोल नंबर की कोडिंग में तकनीकी त्रुटि (डेटाबेस मिसमैच) हो जाती है। देश के भीतर के परीक्षा केंद्रों की सूची और विदेशी केंद्रों के कोड आपस में मर्ज होने के कारण नागपुर का डेटा सीधे अबू धाबी केंद्र से लिंक हो गया। छात्रों का कहना है कि अगर एडमिट कार्ड दो-चार दिन पहले जारी होते, तो शायद इस गलती को समय रहते सुधारा जा सकता था।

Location :  Delhi/Nagpur

Published :  20 June 2026, 12:25 PM IST

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