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New Delhi: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह सिर्फ परीक्षा नहीं, बल्कि वह कथित पेपर लीक विवाद है जिसने लाखों छात्रों की मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए थे। 3 मई को हुई परीक्षा को आरोपों और विवादों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था। अब 21 जून को होने जा रही री-एग्जाम को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने ऐसी सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है, जिसे अब तक की सबसे कड़ी निगरानी वाली परीक्षा माना जा रहा है।
22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
एनटीए के अनुसार, NEET-UG 2026 री-एग्जाम देश के 551 शहरों और विदेश के 14 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। कुल 5,440 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। परीक्षा अंग्रेजी समेत 12 भारतीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए देशभर में 95 हजार से अधिक कमरों की व्यवस्था की गई है।
CCTV, AI और लाइव मॉनिटरिंग से होगी निगरानी
परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सभी परीक्षा कक्षों में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। कुल 1,38,560 कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। इन कैमरों की लाइव फीड राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर मॉनिटर होगी। इतना ही नहीं, AI आधारित तकनीक के जरिए CCTV फुटेज का विश्लेषण भी किया जाएगा ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनियमितता का तुरंत पता लगाया जा सके।
51 हजार से ज्यादा जैमर और बायोमेट्रिक जांच
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल रोकने के लिए 51,311 जैमर तैनात किए गए हैं। अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए 38,795 फ्रिस्किंग कर्मी और 48,448 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मियों को लगाया गया है। इस बार फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी जोड़ी गई है। एनटीए का कहना है कि इससे फर्जी अभ्यर्थियों और प्रतिरूपण जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने में मदद मिलेगी।
हर केंद्र पर अतिरिक्त सुरक्षा और तकनीकी निगरानी
प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो इनविजिलेटर मौजूद रहेंगे, जबकि हर केंद्र पर अतिरिक्त परीक्षा कर्मियों की भी तैनाती की गई है। सभी 5,440 केंद्रों पर एक-एक सेंटर सिस्टम्स ऑफिसर (CSO) नियुक्त किया गया है, जो तकनीकी व्यवस्थाओं और CCTV निगरानी की जिम्मेदारी संभालेगा। इसके अलावा करीब 6,700 ऑब्जर्वर्स और 100 से अधिक वर्चुअल ऑब्जर्वर्स भी तैनात किए गए हैं।
प्रशासन, पुलिस और वायुसेना भी मैदान में
परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, पुलिस, अर्धसैनिक बलों, भारतीय वायुसेना और डाक विभाग को भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शनिवार को देशभर में मॉक ड्रिल आयोजित कर सभी व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए केंद्रों पर पेयजल, ओआरएस, एंबुलेंस और वेटिंग एरिया जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कथित पेपर लीक जैसे भ्रामक दावों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं को ही मानें।
Location : New Delhi
Published : 20 June 2026, 10:41 PM IST