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रेड लाइन पर जल्द होगा ट्रायल(img: Pintrest)
ट्रायल के लिए रेड लाइन पर शास्त्री पार्क से शाहदरा के बीच करीब पांच किलोमीटर के हिस्से को चुना गया है। यहां स्वदेशी CBTC सिस्टम के उपकरण लगाए जाएंगे और इसकी कार्यक्षमता व तकनीकी वैलिडेशन की जांच होगी। इसके लिए उपकरणों के निर्माण के ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं।
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इस तकनीक को DMRC, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और रेलवे के रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) मिलकर विकसित कर रहे हैं। सिस्टम की तकनीकी जरूरतें और स्पेसिफिकेशन तैयार करने के बाद विभिन्न सब-सिस्टम के प्रोटोटाइप बनाकर लैब में परीक्षण भी किया जा चुका है।
फिलहाल दिल्ली मेट्रो की मजेंटा और पिंक लाइन पर CBTC तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि दूसरे कॉरिडोर पर ऑटोमैटिक ट्रेन सुपरविजन (ATS) सिस्टम काम कर रहा है। DMRC की योजना पुराने कॉरिडोर पर भी आधुनिक CBTC तकनीक लागू करने की है।
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कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल यानी CBTC आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक है। इसमें मेट्रो ट्रेन और कंट्रोल सिस्टम के बीच लगातार कम्युनिकेशन होता है। इससे ट्रेन की वास्तविक लोकेशन, रफ्तार और दूसरी ट्रेनों से उसकी दूरी की जानकारी मिलती रहती है। इस तकनीक से ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकता है।
ट्रायल सफल रहने पर फेज-4 के एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर में पहली बार इस स्वदेशी CBTC तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
Location : New Delhi
Published : 8 November 2026, 1:57 PM IST
Topics : CBTC Technology Delhi Delhi Metro DMRC Metro News