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ACP मनस्वी वशिष्ठ (Img : Social Media)
New Delhi : दिल्ली पुलिस के एसीपी मनस्वी वशिष्ठ सहित कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा अधिवक्ताओं को धमकी देने और सार्वजनिक रूप से बदनाम करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट सुनवाई के लिए सहमत हो गया है।
मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख कर तत्काल सुनवाई की मांग की गई। इस पर पीठ ने मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए लिस्ट करने का आदेश दिया। अधिवक्ता करण बीर सिंह द्वारा दायर याचिका में वकीलों को एके-47 से धमकाने के मामले में निलंबित एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ कार्रवाई और अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
यह पूरा मामला दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन से शुरू हुआ था। एक वकील ललित बंसल से जुड़े मारपीट के मामले में पैरवी और पूछताछ के सिलसिले में जिला अदालत के कुछ वकील थाने पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और वकीलों के बीच तीखी बहस हो गई। वकीलों का आरोप था कि एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा के तत्कालीन एसएचओ अरुण कुमार ने उनके साथ बदसलूकी की और गंभीर धमकियां दीं।
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इस घटना के विरोध में दिल्ली की विभिन्न जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया। विरोध और दबाव के बीच पुलिस विभाग ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और एसएचओ अरुण कुमार का शाहदरा से तबादला कर दिया था।
तबादले की कार्रवाई से नाराज होकर 2 नवंबर को करीब 100 दिल्ली पुलिसकर्मी पुलिस मुख्यालय (PHQ) के गेट नंबर-1 के बाहर प्रदर्शन के लिए जुटे थे। बताया गया कि एसीपी मनस्वी वशिष्ठ खुद वर्दी में इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही थीं। प्रदर्शनकारी पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से मिलकर शाहदरा मामले में वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
इस घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग ने अनुशासन के उल्लंघन का हवाला देते हुए एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया। अब अधिवक्ताओं की ओर से दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
Location : New Delhi
Published : 4 November 2026, 3:06 PM IST