Brahmos NG Missile: रक्षा बाजार में भारत का दबदबा, फिलीपींस बना ब्रह्मोस का मुरीद, अगली पीढ़ी के हथियारों की ओर बढ़ाया हाथ

भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदकर गदगद हुआ फिलीपींस। फिलीपींस के राजदूत ने दिए संकेत, कहा- भविष्य में 'स्टील्थ' तकनीक वाली ब्रह्मोस एनजी जैसी उच्च-तकनीक रक्षा प्रणालियों की खरीद पर कर सकते हैं विचार। भारत बना भरोसेमंद डिफेंस पार्टनर।

Updated : 4 November 2026, 2:16 PM IST
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New Delhi: दक्षिण-पूर्वी एशिया के रणनीतिक देश फिलीपींस ने भारत के साथ हुए ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर खुलकर अपनी खुशी जाहिर की है। भारत में फिलीपींस के राजदूत जोसेल एफ इग्नासियो ने एक इंटरव्यू में साफ संकेत दिया है कि फिलीपींस भारत से ब्रह्मोस पाने वाला पहला देश बनकर गर्व महसूस कर रहा है और अब उसकी नजरें भारत की आगामी 'स्टील्थ' तकनीक वाली अगली पीढ़ी की ब्रह्मोस-एनजी (Brahmos-NG) मिसाइलों पर टिकी हैं।

दुनिया मान रही भारत की रक्षा ताकत का लोहा

फिलीपींस के राजदूत ने एक इंटरव्यू में कहा कि इस रक्षा सौदे ने भारत को उनकी नजरों में एक भरोसेमंद और उच्च-तकनीक वाले रक्षा स्रोत के रूप में स्थापित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रह्मोस सिर्फ एक शुरुआत है और यह सौदा भविष्य में भारत से अन्य उन्नत रक्षा उपकरणों की खरीद के रास्ते भी खोलता है। फिलीपींस का यह रुख यह दिखाने के लिए काफी है कि 'मेक इन इंडिया' हथियार अब वैश्विक स्तर पर अपनी पैठ और धाक जमा रहे हैं।

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क्या है ब्रह्मोस एनजी और इसकी खासियत?

ब्रह्मोस एयरोस्पेस (जो कि भारत और रूस का एक साझा उपक्रम है) द्वारा विकसित की जा रही 'ब्रह्मोस एनजी' अगली पीढ़ी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। मौजूदा वर्जन के मुकाबले यह मिसाइल आकार में छोटी, वजन में हल्की और अधिक आधुनिक होगी। इसमें 'स्टील्थ' तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यह दुश्मन के रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आएगी। इसे फाइटर जेट, युद्धपोत, पनडुब्बी और जमीनी लॉन्चर्स से दागा जा सकेगा। हालांकि, शुरुआती चरण में इसे भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों के लिए तैयार किया जा रहा है।

Brahmos NG Missile

भारत की डिफेंस ताकत का डंका (सोर्स-Pinterest)

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जहां तक इसकी स्पीड और रेंज का सवाल है, रिपोर्ट के मुताबिक ब्रह्मोस एनजी की रफ्तार ध्वनि की गति से लगभग साढ़े तीन गुना (मैक 3.5) तक होने की उम्मीद है। वहीं, रूसी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार इसकी रेंज 300 किलोमीटर से ज्यादा होगी। हालांकि, चूंकि इस मिसाइल का विकास अभी विभिन्न चरणों से गुजर रहा है, इसलिए इसकी वास्तविक गति और रेंज की सटीक पुष्टि फाइनल टेस्टिंग के बाद ही सामने आ पाएगी।

Location :  New Delhi

Published :  4 November 2026, 2:16 PM IST

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