यूपी में धीरेंद्र शास्त्री की एंट्री बंद हो! अखिलेश यादव बोले- इन्होंने यदुवंशियों और रघुवंशियों की भावनाएं आहत कीं

भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण पर कथित विवादित टिप्पणियों को लेकर अखिलेश यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधा है। सपा प्रमुख ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को न ब्रज में प्रवेश मिलेगा और न अवध में। जानिए क्या है पूरा विवाद और 17 नवंबर को प्रतापगढ़ में होने वाली कथा से इसका क्या कनेक्शन है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 4 November 2026, 12:59 PM IST
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Lucknow: भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणियों ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिलेश ने न सिर्फ उनके बयानों पर नाराजगी जताई, बल्कि उत्तर प्रदेश में उनके प्रवेश पर रोक लगाने तक की मांग कर दी है। सपा प्रमुख ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने यदुवंशियों और रघुवंशियों दोनों की भावनाओं को आहत किया है। अब उन्हें न ब्रज में प्रवेश मिलेगा और न ही अवध में उनका स्वागत होगा।

अखिलेश ने साधा निशाना

अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने यदुवंशियों और रघुवंशियों की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि अब न तो कोई सच्चा रघुवंशी उनका स्वागत करेगा और न ही कोई सच्चा यदुवंशी। सपा प्रमुख ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर धीरेंद्र शास्त्री की एंट्री रोकने के लिए नाकाबंदी का बोर्ड लगाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि इस बोर्ड पर लिखा होना चाहिए कि 'ईशनिंदा' करने वालों का उत्तर प्रदेश की धर्मभूमि पर प्रवेश वर्जित है।

नेपाल बॉर्डर बंद करने की भी कही बात

अखिलेश यादव ने अपने बयान में नेपाल सीमा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिसने धर्म-मजहब नहीं छोड़ा, वह अगली बार दूसरे संप्रदायों पर छींटाकशी करने से बाज नहीं आएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह समझाने की जरूरत नहीं है कि अगला नंबर किसका हो सकता है। सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि नेपाल बॉर्डर भी बंद करना पड़ सकता है, नहीं तो वहां से उत्तर प्रदेश में आना ज्यादा नजदीक पड़ेगा।

किसी बाहरी के इशारे पर हो रही राजनीतिक

सपा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में चल रही राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश में किसी बाहरी व्यक्ति के इशारे पर किसी की राजनीतिक और धार्मिक सत्ता को चुनौती देने का काम हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आपसी टकराव में राजनीतिक लोग भगवान को क्यों ला रहे हैं? अखिलेश के इस बयान को प्रदेश की राजनीति में धार्मिक मुद्दों और नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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17 नवंबर से प्रतापगढ़ में होनी है धीरेंद्र शास्त्री की कथा

अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उत्तर प्रदेश आने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक, 17 नवंबर से प्रतापगढ़ में उनकी कथा प्रस्तावित है। इस कथा का आयोजन राजा भैया करवा रहे हैं। राजा भैया उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखते हैं। वह कुंडा विधानसभा सीट से विधायक हैं और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में उनके द्वारा आयोजित कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री की मौजूदगी को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गई है।

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पहले भी जता चुके हैं नाराजगी

धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणियों को लेकर अखिलेश यादव पहले भी अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। इस बार उन्होंने अपने बयान में यदुवंशियों और रघुवंशियों का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश में उनके प्रवेश पर रोक लगाने जैसी बात कही है। इस पूरे विवाद में एक तरफ अखिलेश यादव ने धार्मिक भावनाओं का मुद्दा उठाया है, तो दूसरी तरफ प्रतापगढ़ में प्रस्तावित कथा को लेकर भी राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। 17 नवंबर से होने वाले कार्यक्रम से पहले दिए गए इस बयान ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया है।

Location :  Lucknow

Published :  4 November 2026, 12:57 PM IST

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