चाईबासा की सड़कों पर आधी रात को गूंजी ढोल-ताशों की आवाज, पारंपरिक हथियारों के साथ उतरे युवा तो थम गईं सबकी निगाहें!

चाईबासा में सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के नेतृत्व में पंचमी मुहर्रम का पारंपरिक जुलूस शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। उर्दू लाइब्रेरी चौक से रमजान सैलून चौक तक निकले जुलूस में युवाओं ने लाठी-डंडों और पारंपरिक हथियारों से हैरतअंगेज कला का प्रदर्शन किया। कमेटी ने शांति और भाईचारे का संदेश दिया, जबकि पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहा।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 22 June 2026, 3:21 PM IST
google-preferred

Chaibasa: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में रविवार की रात एक बेहद अनूठा और भव्य नजारा देखने को मिला। सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के नेतृत्व में पंचमी मुहर्रम का जुलूस बेहद शांतिपूर्ण, गरिमामय और पारंपरिक तरीके से निकाला गया। इस आयोजन ने न सिर्फ धार्मिक आस्था को प्रदर्शित किया, बल्कि चाईबासा की ऐतिहासिक गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

आधी रात को निकला जुलूस

यह भव्य जुलूस रात करीब 10:30 बजे उर्दू लाइब्रेरी चौक से पूरी अकीदत (श्रद्धा) के साथ शुरू हुआ। इसके बाद जुलूस मस्जिद मुहल्ला और हलीम चौक होते हुए आगे बढ़ा। जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, लोगों का हुजूम इसमें जुड़ता चला गया। इस दौरान युवाओं और अखाड़ेबाजों ने लाठी-डंडों और पारंपरिक हथियारों के साथ अपनी युद्ध कला का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया, जिसे देखकर सड़कों पर मौजूद लोग दंग रह गए। जिहाद क्लब बैंड पार्टी के गाजे-बाजे की धुनों और अली सेना व जान क्लब के युवाओं के गगनभेदी नारों ने पूरे माहौल में एक अलग ऊर्जा भर दी। यह कारवां देर रात रमजान सैलून चौक पहुंचकर संपन्न हुआ।

त्याग और इंसानियत का संदेश देता है मुहर्रम

जुलूस की कमान सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों ने खुद संभाल रखी थी। कमेटी के अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद, उपाध्यक्ष दानिश रजा, मो० मुस्तकीम, सचिव जफर नसीम और सह सचिव तहसीन आमीन पूरे रास्ते मुस्तैद दिखे। इस मौके पर सचिव जफर नसीम और सह सचिव तहसीन आमीन ने कहा कि मुहर्रम का त्योहार हमें त्याग, धैर्य, सच्चाई और इंसानियत के रास्ते पर चलने की सीख देता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की पुरजोर अपील की।

प्रशासनिक सतर्कता और सीसीटीवी से निगरानी

 संवेदनशील इलाकों को देखते हुए जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीम पूरे रूट पर अलर्ट मोड में थी। सुरक्षा के मद्देनजर प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात था और सादे लिबास में भी सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहे। साथ ही पूरे जुलूस की वीडियोग्राफी और ड्रोन-सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की गई।

Viral Video: साढ़े तीन साल बाद विदेश से घर लौटी बेटी, भारतीय परंपरा से हुआ ऐसा स्वागत कि नम हो गईं सबकी आंखें

सामाजिक सौहार्द की मिसाल

जुलूस के स्वागत के लिए जगह-जगह पर अन्य समुदाय के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा पीने के पानी और शरबत के स्टॉल लगाए गए थे, जो चाईबासा की आपसी एकता और कौमी एकता को प्रदर्शित कर रहा था।

Dynamite News Exclusive: योगी जी! आपके अधिकारी बहुत भ्रष्ट हैं, ग्रेटर नोएडा के किसानों की आवाज अब पूरे यूपी में गूंजेगी

ट्रैफिक रूट में बदलाव

देर रात तक चले इस जुलूस के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया था, जिससे आम जनता को कोई असुविधा न हो।

Location :  Chaibasa

Published :  22 June 2026, 3:21 PM IST

Advertisement