
परमिट ट्रांसफर के नाम पर वसूली का भंडाफोड़ (Img- Pinterest)
Mumbai: महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित पनवेल में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पनवेल के खारघर आरटीओ (RTO) कार्यालय के बाहर जाल बिछाकर एसीबी की टीम ने 62 साल के एक निजी आरटीओ एजेंट को रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा।
आरोपी की पहचान विलास सनागर के रूप में हुई है, जो ऑटो-रिक्शा परमिट ट्रांसफर कराने के एवज में सरकारी फीस से अतिरिक्त रुपयों की मांग कर रहा था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक ड्राइविंग स्कूल के मालिक ने 11 अगस्त को ACB की नवी मुंबई यूनिट में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उसने ऑटो-रिक्शा परमिट ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की, तो आरोपी एजेंट विलास सनागर ने उससे कहा कि आधिकारिक सरकारी फीस 25,700 रुपये है।
इसके अलावा, उसने 4,500 रुपये की अतिरिक्त रकम मांगी और दावा किया कि यह पैसा आरटीओ के संबंधित सरकारी अधिकारियों और उसके बीच रिश्वत के तौर पर बांटा जाएगा।
डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस धर्मराज सोनके के मार्गदर्शन में ACB की टीम ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन किया। मामला सही पाए जाने पर अधिकारियों ने तुरंत खारघर आरटीओ दफ्तर के बाहर योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी एजेंट ने शिकायतकर्ता से 4,500 रुपये की रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि आरटीओ कार्यालयों के आसपास सक्रिय ऐसे दलालों और उनके पीछे छिपे भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसना जारी रहेगा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस दलाली के खेल में आरटीओ का कौन-कौन सा कर्मचारी शामिल था।
Location : Mumbai
Published : 2 September 2026, 11:03 AM IST