3 सितंबर से बंद हो जाएगा काम? सुलतानपुर में स्वच्छ भारत मिशन के आउटसोर्स कर्मचारियों ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

सुल्तानपुर में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला पंचायतराज अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने एनआरएलएम की गाइडलाइन के अनुसार मानदेय, आकस्मिक मृत्यु पर आर्थिक सहायता, महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश, एचआर पॉलिसी लागू करने और पारस्परिक स्थानांतरण समेत कई मांगें उठाई हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 2 September 2026, 1:29 PM IST
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Sultanpur: सुल्तानपुर में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के आउटसोर्स कर्मचारियों की नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे कर्मचारियों ने अब प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर साफ चेतावनी दे दी है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे 3 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगे।

कर्मचारियों के इस ऐलान के बाद विभागीय स्तर पर हलचल बढ़ गई है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से जुड़े कर्मचारियों ने जिला पंचायतराज अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मानदेय से लेकर नौकरी से जुड़ी नीतियों और स्थानांतरण तक कई मांगें रखी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली है।

जिला पंचायतराज अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राज्य, मंडल, जनपद और विकासखंड स्तर पर काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर जिला पंचायतराज अधिकारी के सामने मांगें रखीं। कर्मचारियों ने ज्ञापन के जरिए विभाग से जल्द कार्रवाई की अपील की। कर्मचारियों के मुताबिक प्रदेशभर में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत करीब 2,982 आउटसोर्स कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि मिशन से जुड़े महत्वपूर्ण कामों में उनकी भूमिका है, लेकिन उनकी सेवा शर्तों और मानदेय से जुड़ी समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो सका है।

मानदेय बढ़ाने की प्रमुख मांग

कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांगों में मानदेय का मुद्दा शामिल है। उन्होंने एनआरएलएम की गाइडलाइन के अनुसार मानदेय निर्धारित किए जाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी जिम्मेदारियों और काम की प्रकृति को देखते हुए मानदेय को उचित आधार पर निर्धारित किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर कर्मचारियों ने प्रशासन से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की है।

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आकस्मिक मौत पर आर्थिक सहायता की मांग

ज्ञापन में कर्मचारियों ने सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु होने की स्थिति में आर्थिक सहायता की व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठाई है। कर्मचारियों के मुताबिक यदि किसी आउटसोर्स कर्मचारी की अचानक मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे में विभाग या सेवा प्रदाता एजेंसी की ओर से एकमुश्त सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए।

महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश की मांग

महिला आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी मांग भी ज्ञापन में प्रमुखता से रखी गई है। कर्मचारियों ने मानदेय सहित मातृत्व अवकाश की व्यवस्था किए जाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि महिला कर्मचारियों को काम के साथ-साथ मातृत्व से जुड़ी जिम्मेदारियों को भी निभाना होता है। ऐसे में उन्हें नियमानुसार मातृत्व अवकाश और उस अवधि में मानदेय से जुड़ी उचित व्यवस्था मिलनी चाहिए।

सभी कर्मचारियों पर HR Policy लागू करने की मांग

आउटसोर्स कर्मचारियों ने सभी कर्मचारियों पर एचआर पॉलिसी लागू करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि सेवा से जुड़े नियम, अवकाश, जिम्मेदारियां और दूसरी व्यवस्थाएं स्पष्ट होनी चाहिए। कर्मचारियों ने अपनी सेवा शर्तों में पारदर्शिता और एक समान व्यवस्था की जरूरत बताई है। इसी को लेकर एचआर पॉलिसी लागू करने की मांग की गई है।

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पारस्परिक स्थानांतरण की भी उठी मांग

मंडल, जनपद और विकासखंड स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पारस्परिक स्थानांतरण की व्यवस्था किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि कई कर्मचारी लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। ऐसे में निर्धारित व्यवस्था के तहत पारस्परिक स्थानांतरण का विकल्प मिलने से कर्मचारियों को सुविधा हो सकती है।

मांगें नहीं मानीं तो 3 सितंबर से काम बंद

ज्ञापन सौंपने के साथ ही कर्मचारियों ने अब अपनी अगली रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन के आह्वान पर 3 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। यानी अब प्रशासन के सामने कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई करने और उन्हें लेकर स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं और अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है।

Location :  Sultanpur

Published :  2 September 2026, 1:29 PM IST

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