झाबुआ मेले में मौत को छूकर लौटे बच्चे: ड्रैगन झूला टूटा, 15 मासूम दबे; VIRAL VIDEO ने दहला दिया

झाबुआ जिले के एक मेले में ड्रैगन झूला टूटने से बड़ा हादसा हो गया। झूले पर सवार 15 स्कूली बच्चे नीचे दब गए, जिनमें लगभग 14 घायल हुए। इस हादसे का वीडियो भी सामने आया है। समय रहते स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी बच्चों को बचा लिया गया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 20 January 2026, 2:39 PM IST
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Jhabua: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में आयोजित एक पारंपरिक मेले में सोमवार को ऐसा भयावह मंजर देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को दहला दिया। ‘महाराज नो मेलो’ में चल रहा ड्रैगन झूला अचानक बीच से टूट गया और झूले पर सवार करीब 15 स्कूली बच्चे नीचे दब गए। हादसे का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग सहम गए हैं।

क्षमता से ज्यादा बिठा दिए सवारी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूला तेजी से ऊपर-नीचे हो रहा था और उसमें तय क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठा दिया गया था। जैसे ही झूला ऊंचाई से नीचे की ओर आया, वह भार नहीं सह सका और जोरदार आवाज के साथ टूट गया। पल भर में मेले की खुशियां चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गईं।

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स्कूल की छात्राएं सबसे ज्यादा प्रभावित

इस हादसे में झाबुआ के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की 13 छात्राएं और एक अन्य बालक घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि समय पर मदद मिलने से किसी भी बच्चे की जान नहीं गई।

 

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स्थानीय लोगों ने दिखाई मानवता

हादसे के तुरंत बाद मेले में मौजूद लोग और स्थानीय दुकानदार बच्चों को बचाने के लिए दौड़ पड़े। किसी ने झूले के हिस्से हटाए तो किसी ने बच्चों को गोद में उठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। प्रशासन और पुलिस को सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल ले जाया गया।

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प्रशासन की सख्ती

जिलाधिकारी नेहा मीना ने अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि दो बच्चियों को ज्यादा चोटें आई हैं, जिन पर विशेष नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही प्रशासन की ओर से एक जांच दल गठित किया गया है, जो यह पता लगाएगा कि झूले को अनुमति देने और सुरक्षा मानकों के पालन में कहां चूक हुई।

सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर मेलों और सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते झूलों की जांच और क्षमता का ध्यान रखा जाता, तो यह हादसा टल सकता था।

Location : 
  • Jhabua

Published : 
  • 20 January 2026, 2:39 PM IST

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